सरकारी अधिकारियों के रवैये से परेशान तहसील कंपाउंड संघ ने अब अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला किया है। सोमवार को आयोजित संघ की एक बैठक में 16 जुलाई से हड़ताल का फैसला लिया गया। इसमें कई मुद्दों पर चर्चा भी हुई।
तहसील कंपाउंड संघ के अध्यक्ष राजकुमार शर्मा और वरिष्ठ उपाध्यक्ष योगेश कुमार त्यागी के अनुसार पुलिस से लेकर प्रशासन तक के अधिकारियों के रवैये के चलते हड़ताल का फैसला लेना पड़ा है।
उन्होंने बताया कि 28 अप्रैल को आरडीसी में एक अधिवक्ता शशि भूषण भटनागर और उनके बेटे डा. गोपाल भटनागर पर हमला हुआ था। उन्हें गंभीर चोटें आईं, मगर पुलिस ने सिर्फ एनसीआर काटकर इतिश्री कर ली।
इसकेअलावा आए दिन एआईजी स्टांप द्वारा इंडेक्स अपने कार्यालय में मंगाकर मनमाने तरीके से इसमें से लोगों के नाम चुनकर उन्हें नोटिस भेजते हैं। इससे अधिवक्ताओं और रजिस्ट्रीधारक को परेशानी होती है।
यह प्रक्रिया पूरी तरह से अनुचित है। तहसील परिसर में बैंक शाखा शुरू कराए जाने का अधिकारी कई बार आश्वासन दे चुके हैं, मगर आज तक यह डिमांड पूरी नहीं की गई।
तहसील परिसर की सड़कें, जलभराव और गंदगी ने भी जीना हराम कर रखा है। इन मामलों में एसएसपी-डीएम से शिकायत की गई।
कई बार यह मामला तहसील दिवस के दौरान भी उठाया गया, मगर अधिकारियों केकानों पर जूं नहीं रेंगी। इसी के चलते अब हड़ताल का निर्णय लिया गया है।