दिल्ली के पलवल के बीच दौडने वाली महिला स्पेशल अपनी पहचान खोती जा रही है। पिछले तीन हफ्ते से अलग प्रकार कर रैक लगाकर चलाया जा रहा था। लेकिन बुधवार को फिर रैक बदलकर सामान्य शटल का रैक कर दिया जिससे महिला यात्रियों को परेशानी हुई।
यही नहीं गफलत में बड़ी संख्या में पुरूष यात्री भी उसमें बैठकर सफर किए। ऐसे में आरपीएफ की चेकिंग पर भी सवाल उठने लगे हैं। कई बार महिला यात्री इसकी शिकायत कर चुकी हैं लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
ज्ञात हो कि दिल्ली-पलवल रूट के लिए अगल कलर की महिला स्पेशल ट्रेन चलाई जाती है। 8 डिब्बों की ये ट्रेन पूरी तरह इंटरकनेक्टेड है। साथ ही इसमें टॉयलेट की सुविधा भी है। 3 हफ्ते पहले इस निर्धारित रैक को बदल कर नया रैक लगाया गया था। उसमें भी थोड़ी राहत थी कि उस शटल का रंग दूसरी शटल से अलग था।
बुधवार से सामान्य शटल का रैक लगाकर महिला स्पेशल बना दिया गया। पहचान के तौर पर आगे और पीछे ही महिला स्पेशल का बोर्ड लगा हुआ है। बाकी कोचों पर कोई निशानदेही नहीं है। जिससे महिला यात्रियों को परेशानी हो रही है। क्योंकि इसमें न तो टायलेट है और न ही इंटरकनेक्टेड। सामान्य शटल होने के कारण कई पुरूष यात्री भी इसमें सफर कर रहे हैं।
बुधवार को महिला स्पेशल में कई पुरुष यात्रियों को सफर करते हुए देखा गया। हैरान करने वाली बात ये है कि पलवल से दिल्ली तक आरपीएफ इस गाड़ी को एस्कार्ट करती है फिर भी पुरूष यात्रियों को नहीं उतारा जा सका।
बल्लभगढ़ और फरीदाबाद रेलवे स्टेशनों पर मौजूद रहने वाली आरपीएफ भी आंखें बंद कर रखी थी। उधर आरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट एमएस फारूखी का कहना है कि इस मामले को गंभीशता से लिया जाएगा और इसकी चेङ्क्षकग कराई जाएगी।