प्रदर्शन खत्म होते ही जेन-जी के स्वयंसेवकों और कांग्रेस सेवादल ने जुटाया कचरा, सुबह तक सड़कें और फुटपाथ पूरी तरह साफ नजर आए
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रदर्शन की गूंज से पिछले एक महीने से अधिक समय तक व्यस्त रहने वाला जंतर-मंतर रविवार सुबह एक बदली हुई तस्वीर के साथ नजर आया। आंदोलन समाप्त होते ही जेन-जी के स्वयंसेवकों ने सफाई अभियान की कमान संभाल ली। शनिवार रात से शुरू हुए अभियान में सैकड़ों स्वयंसेवकों ने कांग्रेस सेवादल के सदस्यों के साथ मिलकर पूरे इलाके की साफ-सफाई की। कुछ ही घंटों में जंतर-मंतर और उससे जुड़ी सड़कें फिर से स्वच्छ और व्यवस्थित दिखाई देने लगीं।
रातभर चले अभियान के दौरान प्लास्टिक की बोतलें, बैनर, पोस्टर और अन्य कचरा हटाया गया। सड़कों और फुटपाथों की भी अच्छी तरह सफाई की गई, जिससे सुबह तक प्रदर्शन के लगभग सभी निशान मिट चुके थे। अभियान में शामिल स्वयंसेवकों ने लोगों से सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने और कचरा इधर-उधर न फेंकने की अपील की।
स्वयंसेवकों का कहना था कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना जितना जरूरी है, उतना ही महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी है। उनके अनुसार, किसी भी आंदोलन या आयोजन के बाद स्थल को साफ-सुथरा छोड़ना सामाजिक दायित्व का हिस्सा होना चाहिए।
स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना की। उनका कहना था कि बड़े आयोजनों के बाद अक्सर कई दिनों तक कचरा पड़ा रहता है, लेकिन इस बार रातभर की मेहनत से सुबह तक पूरा इलाका सामान्य हो गया। रविवार सुबह जंतर-मंतर पहुंचने वाले लोगों को सड़कें साफ, फुटपाथ व्यवस्थित और यातायात सामान्य मिला, जिसने इस सफाई अभियान को एक सकारात्मक उदाहरण बना दिया।