लापरवाही से वाहन चलाकर सेंट्रल वर्ज, डिवाइडर या विद्युत पोल्स तोड़ने वाले वाहन चालकों से जीडीए भी जुर्माना वसूलेगा। जीडीए ने इसकी शुरुआत भी कर दी है।
बुधवार को उत्तराखंड परिवहन की बस द्वारा मेरठ तिराहे पर तोड़े गए डिवाइडर की एवज में जीडीए ने सात हजार रुपये वसूले हैं।
जीडीए वीसी के निर्देश पर जीडीए अधिकारी जिला प्रशासन से भी इस संबंध में प्रभावी कार्रवाई करने का आग्रह करेंगे। जीडीए के अवर अभियंता किसी क्षेत्र में ऐसी घटना की रिपोर्ट तुरंत संबंधित पुलिस चौकी में दर्ज कराएंगे।
बीते वर्ष जीडीए ने पुलिस विभाग को डिवाइडर तोड़ने वाले वाहन चालकों से जुर्माना वसूलने के लिए पत्र भेजा था। जीडीए उपाध्यक्ष के निर्देश पर तत्कालीन प्राधिकरण सचिव आरके सिंह ने एसएसपी को जुर्माना वसूलने के लिए निर्धारित रेट लिस्ट भी भेजी थी।
डिवाइडर, सेंट्रल वर्ज व विद्युत पोल्स तोड़ने वाले वाहन चालकों से वसूली गई धनराशि संबंधित विभाग को सौंपने का प्रस्ताव है। ताकि टूटे डिवाइडर, सेंट्रल वर्ज और विद्युत पोल्स को तुरंत बनवाया जा सके।
जीडीए मुख्य अभियंता वीके गोयल ने कहा कि मेरठ तिराहे पर बस की टक्कर से टूटे डिवाइडर की मरम्मत का इस्टीमेट सात हजार रुपये आया है।
इसे संबंधित विभाग से लिया गया है। भविष्य में भी डिवाइडर, सेंट्रल वर्ज, विद्युत पोल्स तोड़ने वालों से जुर्माना वसूला जाएगा।