जीडीए ने नए वित्तीय वर्ष से जीडीए में ई-टेंडरिंग व्यवस्था लागू करने की तैयारी तेज कर दी है। ई-टेंडरिंग व्यवस्था के लिए ठेकेदारों के पंजीकरण शुरू हो गए हैं।
जीडीए के पंजीकृत ठेकेदारों को चयनित वेब पोर्टल पर नए सिरे से रजिस्ट्रेशन कराना होगा। 50 लाख रुपये से अधिक लागत वाले विकास कार्यों के लिए नए वित्तीय वर्ष से ई-टेंडरिंग के जरिए ही आवेदन लिए जाएंगे।
जीडीए के कामकाज में पारदर्शिता लाने और समयबद्ध निस्तारण के लिए जीडीए में लगातार नए-नए सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी कड़ी में टेंडर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए ई-टेंडरिंग व्यवस्था लागू की जा रही है।
जीडीए चीफ इंजीनियर वीके गोयल ने बताया कि प्राधिकरण में पंजीकृत ठेकेदारों को टेली कम्युनिकेशन कंसलटेंट्स इंडिया लिमिटेड (टीसीआईएल) के पोर्टल के जरिए ई-टेंडरिंग के लिए पंजीकरण करवाना होगा।
यह भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन काम करने वाली संस्था है। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।