राजनगर एक्सटेंशन और बम्हैटा में ही नहीं जीडीए 15 गांवों में नगर निगम की 636 बीघा जमीन पुनर्ग्रहण कर चुका है। इनमें से एक भी मामले में जीडीए ने निगम की सहमति नहीं ली गई। जमीन की एवज में नगर निगम को एक रुपया भी नहीं मिला, जबकि डीएम सर्किल दरों से इन जमीनों की कीमत 328 करोड़ रुपये है।
दो दिन पूर्व लखनऊ में हुई उच्चस्तरीय बैठक में जमीनों का यह मामला नगर निगम के अफसरों ने प्रमुख सचिव के समक्ष उठाया था।
नगर निगम अधिकारियों ने जमीनों का ब्यौरा शासन को भेजा है। ये जमीन जीडीए ने वर्ष 2012 से 2015 तक पुनर्ग्रहित की है, जबकि इससे पहले पुनर्ग्रहण की गई जमीनों का ब्यौरा नगर निगम ने अभी तैयार नहीं किया है।
निगम अफसरों के मुताबिक, पुराना रिकार्ड खंगाला जा रहा है। पूर्व में पुनर्ग्रहित की गई जमीनों का पैसा जोड़ा तो जीडीए पर एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा देनदारी होगी।
जीडीए द्वारा पुनर्ग्रहित की गई जमीनों का ब्यौरा
गांव क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
हसनपुर-भोवापुर 0.3162
हसनपुर-भोवापुर 0.7590
घूकना 0.8470
महीउद्दीनपुर-मैनापुर 0.2620
नंगला पाट 1.540
हरसांव 0.1970
रसूलपुर-याकूतपुर 0.6450
मकनपुर 14.2748
शाहपुर बम्हैटा 0.2020
मोरटा 7.8580
करहैड़ा 0.4300
मकरमतपुर-सिकरोड़ 0.3130
सिहानी 2.1620
सद्दीकनगर 0.9500
सिहानी 0.1520
सद्दीकनगर 0.9480
सदरपुर 0.288
सदरपुर 1.3790
हरसांव 1.3460
घूकना 0.051
भोवापुर 0.1392
मकनपुर 3.3557
नूरनगर 14.6360