खेड़ी गुजरान स्थित खेत के झेरा (कुएं) में 30 अक्तूबर को मृत पाए गए रमेश की हत्या भतीजी से संबंध की वजह से उसके पिता रामनंदन यादव, भाइयों देवेश, हरेश और युवती के पिता ने की थी।
घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी अपने गांव गठपुरा, बेगूसराय (बिहार) भाग गए थे। सीआईए बॉर्डर ने ऑनर किलिंग के इस मामले में मुख्य आरोपी भाई देवेश को गिरफ्तार किया है। मालूम हो कि 30 अक्तूबर की सुबह खेड़ी गुजरान गांव स्थित खेत के झेरा में अज्ञात युवक का शव मिला था। सिर में चोट होने और पास ही रक्तरंजित पत्थर पाए जाने पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया था।
पुलिस आयुक्त ने जांच सीआईए बॉर्डर टीम को सौंपी थी। जांच में मृतक की पहचान रमेश यादव निवासी गठपुरा जिला बेगूसराय (बिहार) के रूप में हुई थी। मुखबिर से सूचना मिली की रमेश एक युवती को साथ लेकर शनिवार को गांव में रहने वाले बड़े भाई देवेश के घर आया था। उस युवती को लेकर इन लोगों में काफी कहासुनी हुई थी। पुलिस पूछताछ के लिए गई तो घर पर ताला पड़ा था और देवेश परिवार सहित गायब था। एसआई हरिओम के नेतृत्व में एक टीम बेगूसराय पहुंची। यहां देवेश को हिरासत में लिया गया तो उसने हत्याकांड का खुलासा किया।
पुलिस के मुताबिक देवेश ने बताया कि रमेश के सगी बुआ की पोती से संबंध हो गए थे। पंद्रह दिन पहले ही रमेश अपनी शादीशुदा भतीजी को लेकर गांव से भाग गया था। दोनों की तलाश शुरू कर दी गई थी।