लॉकडाउन के चौथे चरण में केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने भी नियमों में कई तरह की राहत दी हैं। प्रदेश में कार्यालय परिसर, औद्योगिक इकाइयों और वाणिज्यिक परिसरों को भी कर्मचारियों की कम संख्या के साथ फिर से खोलने की अनुमति दे दी गई है।
हालांकि इस फैसले के बाद कई फैक्टरियों और कंपनी परिसरों से संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। दिल्ली से सटा गौतमबुद्ध नगर जिला प्रदेश के कोरोना हॉटस्पॉट जिलों में से एक है। इसी के मद्देनजर गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी ने ट्वीट कर ये दिशा-निर्देश जारी किए हैं कि अगर कार्यालय परिसर में संक्रमित मरीज मिलते हैं तो प्रबंधन को क्या करना चाहिए।
दिशा-निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि परिसर में ऐसा कोई भी मामले आने पर प्रबंधन को तत्काल इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को देनी होगी। जिसके बाद विभाग की टीम आवश्यक कार्रवाई करेगी।
दिशा-निर्देशः-
रैपिड रिस्पॉन्स टीम परिसर में आकर आगे की कार्रवाई करेगी।
- स्वास्थ्य विभाग की टीम को स्थानीय पुलिस और एसडीएम को सूचित करना होगा।
- संक्रमित मरीजों को तत्काल आइसोलेट किया जाएगा।
- परिसर में मौजूद सभी की स्क्रीनिंग की जाएगी।
- संक्रमितों या संदिग्धों के सभी संपर्कों को क्वारंटीन किया जाएगा।
- आईसीएमआर की गाइडलाइन्स के मुताबिक परिसर में मौजूद लोगों की सैंपलिंग की जाएगी और जिनके सैंपल लिए गए हैं उन सभी को तत्काल क्वारंटीन किया जाएगा।
- जिनमें हल्के लक्षण दिख रहे हों उनकी अनिवार्य रूप से सैंपलिंग की जाएगी।
- स्वास्थ्य विभाग के अनुसार चिन्हित क्षेत्र को बंद कर सैनिटाइज किया जाएगा।
- स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा परिसर फिटनेस प्रमाण पत्र जारी किए जाने के बाद ही बंद किए गए क्षेत्र को खोला जाएगा।
- अगर इन प्रक्रिया के दौरान कोई व्यक्ति टीम का सहयोग नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- अगर परिसर में कोई कोरोना संदिग्ध व्यक्ति है, तो प्रबंधन को क्या कदम उठाने हैं, इसे लेकर मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।