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Delhi: गौतम गंभीर बोले- तीन साल में खत्म करेंगे गाजीपुर का कूड़े का पहाड़, पहले दिन से ये मेरी प्राथमिकता

Thu, 22 Dec 2022 04:57 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

बुधवार को उन्होंने कहा कि एक सांसद के रूप में यह सुनिश्चित करना कर्तव्य है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वच्छ भारत का सपना पूरा हो और संसदीय क्षेत्र में स्वच्छता बनी रहे।
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गौतम गंभीर - फोटो : social media
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विस्तार
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एमसीडी चुनाव में भाजपा भले ही हार गई हो, लेकिन भाजपा सांसद गौतम गंभीर ने दावा किया है कि अगले तीन साल में गाजीपुर लैंडफिल के कूड़े के पहाड़ से जनता को छुटकारा दिलाएंगे।

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बुधवार को उन्होंने कहा कि एक सांसद के रूप में यह सुनिश्चित करना कर्तव्य है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वच्छ भारत का सपना पूरा हो और संसदीय क्षेत्र में स्वच्छता बनी रहे। मेरे निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के लिए पहला वादा गाजीपुर के कूड़े को कम करना था और पहले दिन से यह मेरी प्राथमिकता रही है। उन लोगों के प्रति जवाबदेह हूं जिन्होंने संसद तक पहुंचाने के लिए वोट दिए हैं। आश्वस्त करना चाहता हूं कि तीन साल में यह पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। इसमें उपराज्यपाल का भी सहयोग है। अब तक 15 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे का जैव-खनन किया जा चुका है। सुरक्षित लैंडफिल सुविधा का कुल क्षेत्रफल गाजीपुर 75 एकड़ है। 18-20 मीटर तक ऊंचाई अलग-अलग घटाई गई है जो 60 फीट है।

महापौर, उपमहापौर के सदस्यों का चुनाव 6 को
दिल्ली नगर निगम के महापौर, उपमहापौर व स्थाई समिति के छह सदस्यों का चुनाव छह जनवरी को एमसीडी की पहली आम सभा की बैठक में किया जाएगा। निगम की पहली बैठक शुक्रवार छह जनवरी को सुबह 11 बजे होगी।  चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि मंगलवार 27 दिसंबर है। निगम सचिव के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस में सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक नामांकन दाखिल किए जा सकते हैं। स्थाई समिति के छह सदस्यों के लिए चुनाव भी निगम की पहली आम सभा की बैठक में किया जाएगा।
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मोहल्ला क्लीनिक की दुर्दशा के लिए केजरीवाल सरकार जिम्मेदार: बिधूड़ी
भाजपा ने मोहल्ला क्लीनिक की दुर्दशा के लिए दिल्ली सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। विधानसभा नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि अगस्त महीने के बाद से डॉक्टरों को सैलरी नहीं मिली, टेस्ट भी बंद पड़े हैं और पिछले सात महीनों से वाई-फाई, सफाई और स्टेशनरी के खर्चे का भुगतान नहीं किया गया। जब भाजपा ने इस मामले को उठाया और सरकार से सवाल पूछे तो सरकार को होश आया और अब वह अपनी असफलता को छिपाने के लिए बहाने तलाश कर रही है।

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