पकड़ा गया गांजा (सांकेतिक तस्वीर)
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देश की तरक्की की राह को बाधित करने के लिए विरोधी ताकतें मादक पदार्थ का सहारा लेती है और युवाओं को भटकाने का प्रयास करती है। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने ये बातें निलोठी स्थित निष्पादन संयंत्र में दिल्ली पुलिस की ओर से जब्त मादक पदार्थ को नष्ट करने की प्रक्रिया के लिए आयोजित समारोह में कहीं।
कार्यक्रम के दौरान संयंत्र में अलग-अलग प्रकार के 2882 किलोग्राम मादक पदार्थों को नष्ट किया गया। साल 2015 से 2022 तक के 65 अलग-अलग मामलों में जब्त मादक पदार्थ को नष्ट किया गया। इसकी कीमत 1513 करोड़ रुपये की आंकी गई है। इनमें सबसे अधिक मात्रा में गांजा था। करीब 2372 किलो गांजा नष्ट किया गया है। इस मौके पर उपराज्यपाल ने कहा कि भारत दुनिया में तरक्की की राह पर तेजी से अग्रसर है और इसमें युवाओं का बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात यह है कि दिल्ली पुलिस बाहर से आने वाली नशे की खेप को पकड़ रही है और इसमें शामिल लोगों को गिरफ्तार भी कर रही है। उपराज्यपाल ने कहा कि पहली बार इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ को नष्ट किया गया है।
लेकिन हमें इससे संतुष्ट नहीं होना है। इस तरह की कोशिश करने वाले आरोपियों को पकड़ा जाए और उन्हें सजा दिलाई जाए। मादक पदार्थ तस्करों के बीच कड़ा संदेश जाए इसके लिए आने वाले समय में इस तरह के और कार्यक्रम आयोजित होंगे। उपराज्यपाल ने मादक पदार्थ की तस्करी रोकने के लिए किए जा रहे उपायों की प्रशंसा की। स्पेशल सेल व क्राइम ब्रांच का उन्होंने विशेष तौर पर जिक्र किया।इस अवसर पर दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा विशेष आयुक्त रविंद्र यादव, एचएस धालीवाल, उपायुक्त अमित गोयल, सहायक आयुक्त अनिल कुमार शर्मा सहित अनेक अधिकारी मौजूद थे।