गंभीर ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि विश्व कप में पाकिस्तान के साथ खेलने का फैसला बीसीसीआई को लेना है, लेकिन उनकी व्यक्तिगत राय में देश पहले है। चाहें खेल हो, कला या फिर बॉलीवुड हर दिशा में पाकिस्तान के साथ संबंध तोड़ लेने चाहिए।
फिर चाहें इसके लिए विश्व कप में दो अंक ही क्यों गंवानें पड़े या फिर सेमीफाइनल या फाइनल ही क्यों न कुर्बान करना पड़े। यही नहीं जब गंभीर को भारत पर प्रतिबंध का हवाला दिया गया तो उन्होंने यहां तक उनकी राय में इसके लिए हर तरह से तैयार रहना चाहिए। देश के आगे हर चीज छोटी है।
रायडू को दिया जाना चाहिए नंबर चार पर समर्थन
गंभीर ने कहा कि रायडू को पिछले एक साल से नंबर चार पर आजमाया जा रहा था। लेकिन वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों में नहीं चल पाए तो प्रयोगों का दौर शुरू हो गया।
नंबर चार का क्रम बेहद महत्वपूर्ण है। इसमें दुविधा की स्थिति से काम नहीं लिया जा सकता। खुद 2011 के विश्व कप में विराट कोहली नंबर चार के क्रम पर खेले थे। फिर जब महेंद्र सिंह धोनी और शिखर धवन को टीम मैनेजमेंट की ओर से लगातार समर्थन दिया जा सकता है तो रायडू को क्यों नहीं।