गार्गी कॉलेज के वार्षिक फेस्ट में छेड़छाड़ की वारदात के बाद छात्राओं को यंत्रणा से उबारने के लिए कॉलेज मनोवैज्ञानिक का सहारा ले रहा है। बताया जा रहा है कि कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग ने डॉक्टर को बुलाया है। दरअसल, फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने सिफारिश दी थी कि जेंडर संबंधी मामलों पर कॉलेज स्टाफ को जागरूक किया जाना चाहिए। उधर, फेस्ट में छेड़छाड़ की वारदात के बाद काफी छात्राएं अब भी सकते में हैं। बताया जा रहा है कि अब भी काफी छात्राएं कॉलेज नहीं आ रही हैं।
कॉलेज में कुछ छात्राओं ने कक्षाओं में आना शुरू किया है, लेकिन वे अब भी छेड़छाड़ की वारदात का सक्रिय विरोध कर रही हैं। छात्राओं का कहना है कि प्रशासन उनकी मांगों को नहीं मान रहा है। हालांकि प्रशासन की ओर से गठित फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने सोमवार को प्राथमिक रिपोर्ट दी है।
कमेटी ने रिपोर्ट में माना है कि फेस्ट के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में चूक हुई थी। कहा जा रहा है कि इस सप्ताह के अंत में कमेटी अपनी फाइनल रिपोर्ट दे सकती है। कमेटी ने इंटरनल कंप्लेंट कमेटी (आईसीसी) बनाने के लिए भी कहा था। छात्राएं भी नई आईसीसी की मांग कर रही हैं। प्रशासन इसके लिए तैयार भी हो गया है। आईसीसी के चुनाव 28 फरवरी को होंगे।