दिल्ली पुलिस टीम पर फायरिंग कर फरार होने में माहिर हो चुके डाबर तालाब, लोनी के शातिर गैंगस्टर फिरोज उर्फ फौजी की किस्मत ने मंगलवार तड़के साथ नहीं दिया।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने फिरोज को ललकारा तो उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर फरार होने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में भी पुलिस टीम ने फायरिंग की। दो से तीन गोली लगने से बदमाश मौके पर ही ढेर हो गया।
बदमाश की गोली से दिल्ली पुलिस का इंस्पेक्टर शिवकुमार बाल-बाल बच गया। मौके पर करीब पांच से दस मिनट दोनों तरफ से 16 राउंड से ज्यादा गोलियां चलीं। इस गैंगस्टर ने 14 जुलाई को दिल्ली पुलिस के सिपाही की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
ऐसे की थी दिल्ली पुलिस कांस्टेबल की हत्या
दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (स्पेशल सेल) एसएन श्रीवास्तव ने बताया कि जाफराबाद थाने में तैनात सिपाही शिवराज तोमर 14 जुलाई को दोपहर बारह बजे ड्यूटी पर जा रहा था। उसने देखा कि दो युवक बिना हेल्मेट व बिना रजिस्ट्रेशन नंबर की बाइक से बहुत तेजी से जा रहे हैं। सिपाही तोमर ने उनका पीछा किया।
दुर्गापुरी चौक के पास बाइक पर पीछे बैठा युवक नीचे उतरकर गली में भागा। सिपाही तोमर ने उसका पीछा किया तो युवक ने उसे गोली मार दी थी। इससे सिपाही की मौके पर ही मौत हो गई थी। बदमाशों को पकड़ने के लिए स्पेशल सेल में तैनात इंस्पेक्टर शिवकुमार व मनोज दीक्षित की विशेष टीम बनाई गई।
तफ्तीश के दौरान सीसीटीवी फुटेज से सिपाही को गोली मारने वाले बदमाश की पहचान फिरोज उर्फ फौजी और उसके साथी फिरोज उर्फबिल्लोरी के रूप में हुई। सोनिया विहार थाना पुलिस ने सात अगस्त को फिरोज उर्फ बिल्लोरी को गिरफ्तार कर लिया था। इस बदमाश ने ये पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया था कि फिरोज उर्फ फौजी ने ही सिपाही तोमर की हत्या की है। दिल्ली पुलिस की एक दर्जन से ज्यादा टीमें फिरोज की तलाश कर रही थीं।
करीब दस मिनट तक हुई गोलीबारी
स्पेशल सेल उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने बताया कि 19 अगस्त को स्पेशल सेल की टीम को सूचना मिली थी कि फिरोज उर्फफौजी लोनी से सोनिया विहार पुस्ता में अपने किसी साथी से मिलने आएगा। यहां पर ये लोग लूट की साजिश रचकर वारदात करने जाएंगे। इंस्पेक्टर शिवराज व मनोज दीक्षित की टीम ने यहां घेराबंदी की। मंगलवार तड़के करीब पांच बजे यमाहा मोटरसाइकिल से फिरोज सोनिया विहार पुश्ते पर पहुंचा।
पुलिस टीम ने जब उसे सरेंडर करने केलिए कहा तो फिरोज ने पिस्टल निकालकर पुलिस टीम पर फायर करना शुरू कर दिया। फिरोज की एक गोली इंस्पेक्टर शिवकुमार को लगी, मगर बुलेट प्रूफ जैकेट केचलते इंस्पेक्टर शिवकुमार बच गए। बदमाश की दूसरी गोली पुलिस की जिप्सी में लगी। जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने भी फायरिंग की। फिरोज को दो से तीन गोलियां लगीं।
पुलिस घायलावस्था में फिरोज को जीटीबी अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने उसके परिजनों को सूचना दे दी है। सोनिया विहार निवासी अवनीश ने बताया कि गोलियों की आवाज सुनकर वह मौके पर पहुंचा। वहां उसने देखा कि काफी पुलिस थी। जब पूछा गया तो पुलिस का कहना था कि बदमाश जंगल में घुसा है और गोलियां चली हैं। एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि मौके से करीब पांच से दस मिनट तक गोलियों की आवाज आती रही।
सीसीटीवी फुटेज ही एकमात्र क्लू था
स्पेशल सेल पुलिस अधिकारियों के अनुसार फिरोज का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, रॉबरी और पुलिस टीम पर हमला आदि के करीब 17 आपराधिक मामले दर्ज थे।
सिपाही शिवराज तोमर जाफराबाद थाने में तैनात था। थाने से पहले वह तीसरी बटालियन में तैनात था। शिवराज को अपराधियों के बारे में अच्छी जानकारी थी। इस कारण जाफराबाद थाने में उसकेलिए अलग से बदमाशों को पकड़ने वाली टीम में शामिल किया गया था। फिरोज सिपाही शिवराज तोमर को जानता था। फिरोज ने जब शिवराज को गोली मारी थी तो उस वारदात का कोई गवाह नहीं था।
ऐसे में पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज को खंगालना शुरू किया। दुर्गापुरी चौक केपास पुलिस को एक सीसीटीवी फुटेज मिली जिसमें फिरोज भागता हुआ दिखाई दिया। जांच के बाद पुलिस को ये पता लग गया कि सिपाही शिवराज को गोली मारने वाले बदमाश फिरोज उर्फफौजी ही है। फुटेज से ही पुलिस आरोपी तक पहुंच गई थी।