अपहरण कर 10वीं कक्षा की एक छात्रा के साथ गैंगरेप के मामले में रविवार रात गांव में पंचायत बुलाई गई। पंचायत ने गैंगरेप के आरोपियों को बस पांच जूते मारने का तुगलकी फरमान सुना डाला।
यहीं ने पंचायत ने फरमान नहीं मानने पर पीड़ित परिवार को इसके दुष्परिणाम भुगतान की धमकी दी है। हालांकि पीड़ित परिवार ने पंचायत में जाने से इंकार कर फरमान मानने से मना कर दिया है। पीड़िता ने पुलिस पर आरोपियों से साठगांठ का आरोप लगाया है।
बता दें कि मामला मुरादनगर थानाक्षेत्र के एक गांव से जुड़ा है। तीस सितंबर को स्कूल से लौटते वक्त दसवीं कक्षा की एक छात्रा का गांव निवासी चार युवकों ने अपहरण कर लिया था और खेत में ले जाकर उसके साथ गैंगरेप किया था।
पीड़िता ने इस मामले में चार आरोपियों को नामजद कराया था। सूत्रों का कहना है कि रविवार रात इसी मसले पर समझौते के लिए गांव में पंचायत हुई। पंचों ने पीड़ित परिवार को आरोपियों को पांच जूते मारकर माफ करने का फरमान सुनाया गया है।
फरमान नहीं मनाने पर भविष्य में इसके दुष्परिणाम भुगतान की भी धमकी पंचायत द्वारा दी गई। उधर, पीड़िता के पिता का कहना है कि उन्हें पंचायत में बुलाया गया था, लेकिन उन्होंने जाने और फरमान मनाने से इनकार कर दिया है।
आरोप है कि पुलिस आरोपियों से सांठगांठ कर मामले को दबाने में जुटी है। पीड़ित परिवार की मानें तो आरोपी गांव में खुले घूम रहे है और तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर फैसले के दबाव बना रहे है। इसके चलते पीड़िता और उसका परिवार दहशत में है।