गंगनहर के पानी में जहर डाल मछलियों का धंधा करने वाले माफियाओं के खिलाफ लोगों ने अब आवाज उठानी शुरू कर दी है। शुक्रवार को भी गंगनहर के आसपास बसे गांव के लोगों का आक्रोश माफियाओं के खिलाफ देखने को मिला।
ग्रामीणों ने आंदोलन की हुंकार भरी है। शुक्रवार को निवाड़ी गंगनहर पुल पर प्रदर्शन एवं नारेबाजी कर ग्रामीणों ने आंदोलन की शुरूआत कर दी। कार्रवाई न होने पर मंगलवार को तहसील दिवस पर अधिकारियों के घेराव का ऐलान भी किया है।
शुक्रवार को जन कल्याण सेवा समिति के बैनर तले गंगनहर से जुड़े निवाड़ी, जानी, सालेनगर, डिडौली, उजैड़ा, सौंदा, डबाना, पतला आदि गांवों के ग्रामीण निवाड़ी गंगनहर पुल पर एकत्र हुए।
समिति के चेयरमैन सतेंद्र त्यागी का कहना है कि गंगनहर में जहर डालकर मछलियों की हत्या करने वाले माफियाओं के जेल पहुंचने के बाद ही ग्रामीण शांत होंगे।
ग्रामीणों ने ऐलान किया है कि सात दिन मेें आरोपियों की गिरफ्तार न होने पर तहसील दिवस पर हंगामा एवं अधिकारियों को घेराव किया जाएगा।
सात दिन बाद गंगनहर पर शुरू होगा धरना
मोदीनगर। उत्तराखंड के राज्यमंत्री एवं राहुल प्रियंका ब्रिगेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप के आह्वान पर सात दिन बाद निवाड़ी गंगनहर पुल पर धरना शुरू होने जा रहा है।
राज्यमंत्री का कहना है कि इस संबंध में उत्तराखंड सरकार द्वारा भी यूपी के सीएम अखिलेश यादव को पत्र लिखा जाएगा। शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे उत्तराखंड के राज्यमंत्री धीरेंद्र प्रताप मुरादनगर गंगनहर पुल पर पहुंचे।
उनका काफिला पहले निवाड़ी गंगनहर पुल और फिर सिवाल मेरठ के पुल पर पहुंचा। दोनों स्थानों पर राज्यमंत्री ने गंगनहर का निरीक्षण किया। उनके समर्थकों ने नारेबाजी भी की।