माफिया ने गंगनगर में पानी कम होते ही जहर डालकर मछलियों को मार डाला। जाल डालकर इनको निकाला और बिक्री के लिए सप्लाई कर रहे हैं।
मेरठ के जानी थानाक्षेत्र में भोला की झाल से मुरादनगर तक जगह-जगह जहर डालकर सैकड़ों टन मछलियां निकालकर सप्लाई की जा रही हैं। तीव्र जहर के असर से नहर के पानी का रंग बदल गया है।
इसके जलीय जीवों की मौत हो गई है। जहरीली मछलियों के खाने से लोगों को गंभीर बीमारी होने का खतरा बना हुआ है।
गंग नहर की सुरक्षा को लगाई गई ग्रामीणों की चौकीदारी कामयाब नहीं हो सकी। पिछले साल भी माफिया ने नहर में जहर मिलाया था। ग्रामीण इस साल भी इसका अंदेशा जता चुके थे।
गंगनहर में बड़ी संख्या में मछलियां रहती हैं। पिछले दिनों पानी बंद किए जाने पर नहर में पानी का स्तर कम होना शुरू हो गया था। इस दौरान मछलियां पानी में बहकर आगे जा रही थीं।
मेरठ व मुरादनगर क्षेत्र के माफिया ने इस दौरान गंग नहर में जगह-जगह जहर डाल दिया। इससे मछलियां बेहोश हो गईं और उन्होंने तैरना बंद कर दिया। जहर के असर से काफी तादात में मछलियां मर भी गईं।
माफियाओं ने जाल लगाकर इनको ट्रकों-टेंपो में भरकर करनाल, मेरठ, मुरादाबाद, दिल्ली और कानपुर के मछली बाजार में सप्लाई करना शुरू कर दिया।
नहर में कछुआ, धाधर और मेंढकों की भी मौत हो रही है। लोगों की मानें तो माफिया मछलियोें में केमिकल लगाकर इनका स्टॉक कर लेते हैं।