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गंभीर दुर्घटना के मरीज को बाहर निकालने पर अड़ा गंगाराम अस्पताल, फ्री इलाज के दावे का कोई असर नहीं

Tue, 13 Aug 2019 05:58 PM IST
दुष्यंत शर्मा अमित शर्मा, नई दिल्ली
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गंभीर हालत में मरीज - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली सरकार ने स्पष्ट घोषणा कर रखी है कि उसके इलाके में होने वाले किसी भी एक्सीडेंट पीड़ित का पूरा इलाज मुफ्त किया जाएगा।  दुर्घटना में घायल लोग प्राइवेट अस्पतालों में भी अपना मुफ्त इलाज करवा सकेंगे और सरकार उनके इलाज पर आने वाला पूरा खर्च वहन करेगी। 

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लेकिन लगता है कि अस्पतालों पर सरकार की इस घोषणा का कोई असर नहीं पड़ा है। दिल्ली का प्रतिष्ठित सर गंगाराम अस्पताल गंभीर एक्सीडेंट में बुरी तरह घायल केशव कालरा को इलाज का खर्च न चुकाने पर जबरदस्ती बाहर निकालने पर अड़ा हुआ है। वहीं पीड़ित के लाचार पिता बच्चे का इलाज कराने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। 

केशव कालरा (19 वर्ष) गत 28 जुलाई को हुए एक भीषण एक्सीडेंट में बुरी तरह घायल हो गये थे। इस एक्सीडेंट में उनके दो दोस्तों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी, जबकि उनके दो अन्य दोस्तों को बुरी तरह चोट आई थी। 
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केशव कालरा के पिता विपिन कालरा ने अमर उजाला को बताया कि दुर्घटना की जानकारी होने के बाद वे जीटीबी अस्पताल पहुंचे थे। अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें बताया था कि अस्पताल में इतने गंभीर एक्सीडेंट के इलाज की उचित सुविधा नहीं है और सही इलाज के लिए उन्हें किसी बड़े अस्पताल में जाना चाहिए। इसके बाद वे अपने बेटे को लेकर सर गंगाराम अस्पताल पहुंचे थे। 

उन्होंने बताया कि अस्पताल ने बिना पैसे दिए बेटे को एडमिट करने से भी इनकार कर दिया था। बेटे की लगातार बिगड़ती हालत देख किसी तरह उन्होंने 2.80 लाख रुपये का इंतजाम किया और इलाज शुरू कराया। इसके अगले ही दिन उन्हें और पैसे देने के लिए कहा गया। उन्होंने फिर इंतजाम करके लगभग 50 हजार रुपये और जमा कराये लेकिन इसके बाद भी अस्पताल लगातार उनसे पैसे की मांग करता रहा जिसे चुकाने में वे बिलकुल असमर्थ हैं। 

विपिन कालरा के मुताबिक़ जीटीबी अस्पताल में ही उन्हें जानकारी दी गई थी कि एक्सीडेंट के किसी भी केस में सरकार की योजना के तहत फ्री इलाज किया जाता है और उन्हें किसी तरह का पैसा चुकाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। लेकिन सर गंगाराम अस्पताल में इस बाबत पूछने के बाद भी अस्पताल ने मुफ्त इलाज करने से इनकार कर दिया। पैसे न दिए जाने की हालत ने अस्पताल ने बार-बार बच्चे को बाहर कर देने की धमकी दी।

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डीजीएचएस ने भी कहा, पैसे देने की आवश्यकता नहीं

इस बाबत पीड़ित के पिता ने दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन से भी मुलाकात की। उन्होंने भी बच्चे के मुफ्त इलाज कराने की बात कही और इसके लिए डीजीएचएस से संपर्क करने के लिए कहा। विपिन कालरा ने डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ हेल्थ सर्विसेज, दिल्ली (डीजीएचएस) से भी संपर्क किया। डीजीएचएस के शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरएन दास ने उन्हें बताया कि दिल्ली सरकार की योजना के चलते उन्हें बेटे के इलाज पर कोई भी खर्च नहीं करना है। अस्पताल उनके बेटे का मुफ्त इलाज करने के लिए बाध्य है। 

विपिन कालरा के मुताबिक़, तमाम आश्वासनों के बावजूद इसके बाबत किसी ने भी कोई लिखित आदेश नहीं दिया। तब से अब तक वे लगातार कभी अस्पताल, कभी डीजीएचएस तो कभी स्वास्थ्य मंत्री के घर के चक्कर लगा रहे हैं, उधर अस्पताल बच्चे को बाहर निकालने पर अड़ा हुआ है। 

एक्सीडेंट के सभी केस में फ्री इलाज का वादा
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 30 जुलाई को घोषणा की थी कि दिल्ली के एरिया में हुए किसी भी एक्सीडेंटल केस, एसिड से जलने के केस या आग से जलने के केस में सभी पीड़ितों का पूरी तरह मुफ्त इलाज किया जाएगा। दिल्ली सरकार के पैनल पर रजिस्टर्ड लगभग 150 अस्पतालों के साथ-साथ पीड़ित प्राइवेट अस्पतालों में भी इलाज करा सकेंगे। दिल्ली सरकार इलाज का पूरा खर्च वहन करेगी। 

अरविंद केजरीवाल ने यह घोषणा दिल्ली के शीर्ष प्राइवेट अस्पतालों के प्रतिनिधियों से मीटिंग करने के बाद की थी। 30 जुलाई को हुई इस मीटिंग में सर गंगाराम अस्पताल से डॉक्टर वरुण प्रकाश शामिल हुए थे और उन्होंने सरकार की योजना पर अमल करने में अपनी सहमति भी दी थी। बावजूद इसके पीड़ित केशव कालरा का इलाज करने में अस्पताल टाल-मटोल कर रहा है और उसे अस्पताल से जबरदस्ती बाहर निकालने पर अड़ा हुआ है। 

क्या हुआ था उस दिन
केशव कालरा (19 वर्ष) एक कॉल सेंटर में काम करता है। कॉल सेंटर के मालिक लक्ष्य मल्होत्रा से उसकी दोस्ती भी है। 27 जुलाई की रात वे तीन अन्य दोस्तों के साथ एक बर्थडे पार्टी में शामिल होने गये थे। 28 जुलाई की सुबह लक्ष्य मल्होत्रा की होंडा सिटी गाड़ी से वे सभी वापस आ रहे थे।

इसी दौरान लगभग साढ़े छ बजे सुबह पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार में एक पेट्रोल पंप के पास डिवाइडर से उनकी गाड़ी टकरा गई। डिवाइडर से टकराने के बाद गाड़ी एक पोल से टकरा गई। इस हादसे में दो दोस्तों रूबल और प्रभज्योत की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी, जबकि केशव कालरा, लक्ष्य मल्होत्रा और अर्श को काफी गंभीर चोट आई थी।

इस मामले में अस्पताल के अधिकारी आधिकारिक बयान देने से बचते रहे।
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