गंगाजल बंदी के दौरान जल निगम प्रताप विहार गंगाजल ट्रीटमेंट प्लांट को फिर एक साल के लिए तैयार करेंगे। 22 दिन की इस बंदी के दौरान प्लांट के टैंकों में जमी सिल्ट को साफ कराकर मशीनों की मेंटीनेंस कराई जाएगी।
बिजली उपकरणों की भी मरम्मत कराई जाएगी, ताकि साल भर नोएडा और टीएचए को निर्बाध गंगाजल सप्लाई की जा सके। लगातार चालू होने की वजह से साल भर गंगाजल प्लांट की मेंटीनेंस नहीं हो पाती।
बीते साल बरसात के दौरान सिल्ट ज्यादा आ जाने से प्लांट को रोक दिया गया था और छोटी-मोटी मेंटीनेंस का काम करा लिया गया था। इस साल दो दिन के लिए नहर तो बंद हुई, लेकिन प्लांट बंद नहीं हुआ।
22 दिन के क्लोजर के दौरान ही जल निगम प्लांट की मेंटीनेंस कराएगा। गंगाजल परियोजना प्रबंधक और जल निगम के अधिशासी अभियंता आरके अग्रवाल ने बताया कि गंगाजल की आपूर्ति बंद हो गई है।
तीन-चार दिन में टैंकों की सफाई का काम शुरू कर दिया जाएगा। इस दौरान मोटरों और पंप की मेंटीनेंस, विद्युत उपकरणों की जांच की जाएगी। 25 अक्तूबर को गंगनहर चालू होने से पहले मेंटीनेंस का काम पूरा करा लिया जाएगा।