-दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने डीडीयू अस्पताल के फॉर्मासिस्ट व एक हेल्पर समेत पांच आरोपियों को दबोचा, पकड़े गए आरोपियों में सहारनपुर का एक दवा विक्रेता भी शामिल
- आरोपियों की निशानदेही पर 70 लाख रुपये की दवाएं बरामद, इनमें एंटीबायोटिक, एंटीवायरल, रेबीज समेत दूसरी दवाएं शामिल, एक मिनी टेंपो व कार भी बरामद, आरोपियों से पूछताछ जारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। सरकारी अस्पताल में मिलने वाली मुफ्त दवाओं को खुले बाजार में बेचने वाले एक संगठित गिरोह का दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने खुलासा किया है। पुलिस ने डीडीयू अस्पताल के फॉर्मासिस्ट कम स्टोरकीपर व अस्पताल में ठेके पर काम करने वाले हेल्पर समेत कुल पांच आरोपियों को दबोचा है।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान फॉर्मासिस्ट बिनेश कुमार (54), हेल्पर प्रकाश मेहतो (30), सहारनपुर निवासी नीरज कुमार (53), टैक्सी ड्राइवर सुशील कुमार (47) और दिल्ली निवासी टेंपो चालक लक्ष्मण मुखिया (48) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 70 लाख रुपये की सरकारी दवाएं, एक मिनी टेंपो व एक कार बरामद की है।
आरोपी बिनेश अपने सहयोगी प्रकाश मेहतो के साथ मिलकर डीडीयू अस्पताल के स्टोर से दवाएं निकालकर बेच रहे थे। इनमें एंटीबायोटिक्स, एंटीवायरल, रेबीज समेत गंभीर बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली दवाएं व इंजेक्शन शामिल हैं। पकड़ा गया आरोपी नीरज कुमार यूपी के सहारनपुर में बड़ा दवा विक्रेता है।
वह सरकारी दवाओं को अपनी दुकान पर बेचने के अलावा अपनी पहचान के दवा विक्रेताओं को दवा बेच देता था। शुरुआती जांच में पता चला कि आरोपी कई राज्यों में इन दवाओं को बेच रहे थे।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त पंकज कुमार ने बताया कि उनकी टीम को पता चला कि राजेंद्र मार्केट, तीस हजारी इलाके में भारत ट्रांसपोर्ट से दवाएं भेजी जा रही हैं। वहां पहुंचने पर एक कार व मिनी टेंपो में भारी मात्रा में सरकारी अस्पताल में मिलने वाली दवाएं मौजूद थीं। पुलिस ने मौके से नीरज कुमार, सुशील कुमार व लक्ष्मण मुखिया को दबोच लिया। इनके पास से करीब 70 लाख रुपये कीमत की दवाएं बरामद हुई। पूछताछ के दौरन आरोपियों ने पूरे रैकेट का खुलासा किया। इसके बाद पुलिस ने डीडीयू अस्पताल से बिनेश कुमार व प्रकाश मेहतो को गिरफ्तार कर लिया। पांचों से पूछताछ शुरू हुई
आरोपियों के पास से मिली यह दवाएं
सेफिक्साइम, एमोक्सिसिलिन के साथ क्लैवुलनेट, सेफ्ट्रिएक्सोन, सेफ्टाज़िडाइम, मेरोपेनेम, एरिथ्रोपोइटिन इंजेक्शन, रेबीज एंटीसीरम आदि दवाइयां हुई बरामद।