अपराध शाखा डीएलएफ की टीम ने दुकानों मेें चोरी की वारदात को अंजाम देने
वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। टीम ने गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार
किया है।
यह गिरोह अधिकतर ग्रामीण क्षेत्रों में इलेक्ट्रॉनिक्स, डीजे,
मोबाइल व महंगे सामान की दुकानों को निशाना बनाता था। पुलिस ने चोरों को
अदालत में पेश किया, जहां से तीनों को एक फरवरी तक की रिमांड पर लिया गया
है।
अपराध शाखा डीएलएफ ने जसाना गांव के
पास से तीन लोगों को दबोचा। जिनकी पहचान पलवल के थाना चांदहट क्षेत्र के
धक्का बस्ती गांव निवासी जसवंत, छिंदर और मेला के रूप में की गई।
अपराध
शाखा डीएलएफ इंचार्ज सतेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी टीम ने तीनों लोगों को
उस समय गिरफ्तार किया जब वे किसी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे।
पूछताछ के दौरान तीनों ने कबूला कि उनका गिरोह जिले के ग्रामीण क्षेत्रों
में चोरी की वारदात को अंजाम देता है, अभी तक वे 15 से अधिक वारदात को
अंजाम दे चुके हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पिछले दो माह से वे
रात में दुकानों के शटर तोड़कर माल उड़ा रहे हैं। यह गिरोह अधिकतर डीजे,
इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल और किराना की दुकानों को निशाना बनाता था।
चोरी की रकम से खरीदी कार इंचार्ज
सतेंद्र सिंह के मुताबिक, इन चोरों ने सबसे पहली चोरी पिछले वर्ष 31
अक्तूबर को मोहना रोड पर एक दुकान में की थी।
इसके बाद 22 नवंबर को और फिर
10 दिसंबर को चोरी की, पकड़े नहीं जाने पर इनका हौसला बढ़ गया और चोरी का
यह सिलसिला शुरू हो गया। शुरु में ये बाइक पर सवार होकर चोरी करने जाते
थे।
लेकिन कई वारदात को अंजाम देने के बाद जब रुपया जमा हो गया तो कार खरीद
ली। चोरों ने शहर बल्लभगढ़, छांयसा, भूपानी गांव, तिगांव, बादशाहपुर गांव,
प्याला गांव और मच्छगर सहित विभिन्न स्थानों पर चोरी की।
पुलिस के मुताबिक
इनके पास से करीब दस लाख रुपये का डीजे, इलेक्ट्रॉनिक व महंगा सामान बरामद
हुआ है।