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गिरोह के सदस्य फर्जी पते पर पहुंचकर करवाते थे वेरिफिकेशन 

Sat, 14 Sep 2019 06:18 AM IST
दुष्यंत शर्मा पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
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demo pic - फोटो : passport
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81 वर्षीय बुजुर्ग बनकर अमेरिका जा रहे 32 वर्षीय युवक जयेश पटेल की गिरफ्तारी के बाद से रोज नए खुलासे हो रहे हैं। आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी पासपोर्ट के लिए पुलिस वेरिफिकेशन खुद खड़े होकर करवाते थे। 

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इस मामले में स्पेशल ब्रांच में तैनात पुलिसकर्मियों की मिलीभगत के भी संकेत मिले है। जल्द ही स्पेशल ब्रांच के कुछ पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी हो सकती है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि जयेश पेटल को अमेरिका भिजवाने के पीछे एक पूरा गिरोह काम कर रहा है। दिल्ली पुलिस की एक टीम गिरोह के सरगना अहमदाबाद के एजेंट सिद्ध की तलाश में शुक्रवार को गुजरात गई है। 

आईजीआई एयरपोर्ट के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब स्पेशल ब्रांच के पुलिस अधिकारी पासपोर्ट का वेरिफिकेशन करने जाते थे तो गिरोह का सदस्य फर्जी पत्ते वाले घर के बाहर जाकर खड़े हो जाते थे। गिरोह के सदस्य वेरिफिकेशन करने वाले पुलिस अधिकारी से यह पता कर लेते थे कि वे कब वहां पहुंच रहे है। इसके बाद घर के बाहर ही खड़े होकर वेरिफिकेशन करवा लेते थे। 
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जयेश पटेल के पासपोर्ट में कालकाजी का पता था। स्पेशल ब्रांच की जांच में यह बात सामने आई है कि हवलदार श्याम सोलंकी जब पुलिस वेरिफिकेशन करने कालकाजी के पते पर पहुंचा तो गिरोह के सदस्य बाहर ही खड़े मिल गए। श्याल सोलंकी ने पता चेक नहीं किया और पासपोर्ट का पुलिस वेरिफिकेशन कर दिया। 

एयरपोर्ट पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के साथ दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा के कुछ पुलिस जवानों की मिलीभगत सामने आ रही है। इन पुलिस अधिकारियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जा सकता है। 

आईजीआई एयरपोर्ट डीसीपी संजय भाटिया ने बताया कि बुजुर्ग बनाकर भेजने वाला बहुत बड़ा गिरोह है। इस गिरोह के पांच-छह लोगों के नाम सामने आ चुक हैं। मुख्य एजेंट अहमदाबाद, गुजरात का रहने वाला है और नाम सिद्धू है। करोल बाग के होटल में जयेश पटेल का हुलिया बदलवाने वाले सब एजेंट का नाम भी सामने आ गया है। 

पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है कि गिरोह के सदस्यों ने फर्जी पत्ते पर मोबाइल ले रखे थे। इनमें से एक पता रोहिणी का सामने आया है। डीसीपी संजय भाटिया का कहना है कि इस बात का पता किया जा रहा है कि गिरोह के सदस्य युवकों को बुजुर्ग बनाकर विदेश क्यों भेजते थे। हालांकि शुरूआती जांच में ये बात सामने आई है कि बुजुर्गों को विदेश में हर तरह का फायदा मिलता है इस कारण ये बुजुर्ग बनाकर भेजते थे। और भी कारण पता किया जा रहे हैं। 

वेरिफिकेशन नहीं करने वाला हवलदार निलंबित 
पासपोर्ट बनाने के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल शाखा घर जाकर पासपोर्ट बनाने का पुलिस वेरिफिकेशन करती है। जयेश पेटल के पासपोर्ट के लिए स्पेशल ब्रांच में तैनात हवलदार श्याल सोलंकी गया था। स्पेशल ब्रांच की जांच में ये बात सामने आई है कि वह वेरिफिकेशन करने कालकाजी के पते पर तो गया था मगर उसने पते को चेक नहीं किया था और पासपोर्ट का पुलिस वेरिफिकेशन कर दिया। स्पेशल ब्रांच के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि हवलदार श्याम सोलंकी को निलंबित कर दिया गया है और उसके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। 

दोनों गिरोह कहीं एक तो नहीं हैं
एयरपोर्ट पर बुजुर्ग बनाकर भारत से बाहर भेजने व आने के दो केस सामने आ चुके हैं। 32 वर्षीय युवक जयेश पेटल को बुजुर्ग बनाकर भारत से न्यूयार्क भेजा जा रहा था, जबकि शुक्रवार को एयरपोर्ट पर करनैल सिंह नामक व्यक्ति पकड़ा गया है जो बुजुर्ग बनकर हॉगकांग से भारत आया था। आईजीआई एयरपोर्ट डीसीपी संजय भाटिया ने बताया कि इस बात की जांच की जा रही है कि कहीं दोनों गिरोह एक ही तो नहीं है। इसकी जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है।

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