दो मासूमों को कराया मुक्त
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर दो मासूम नवजात बच्चियों को मुक्त कराया है। एक बच्ची को आरोपी पंजाब के फाजिल्का से लाए थे। इसको यूपी में बेचने की तैयारी थी, लेकिन सौदा न होने पर उसे दिल्ली में बेचा जा रहा था। दूसरी बच्ची को पुलिस ने चंडीगढ़ के एक दंपती के पास से मुक्त कराया है। आरोपियों ने इस बच्ची का ढाई लाख रुपये में सौदा किया था।
दिल्ली से हुए आरोपियों की पहचान
पकड़े गए आरोपियों की पहचान तिहाड़ गांव, दिल्ली निवासी गैंग सरगना हसमीत कौर (37), इसका पति गुरमीत सिंह (41), दल्लूपुरा, मयूर विहार दिल्ली निवासी मरियम (30) और निहाल विहार, दिल्ली निवासी नैना (24) के रूप में हुई हैं। पुलिस ने इनके पास से चार मोबाइल फोन और कुछ रकम बरामद की है। आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन की जा रही है।
पुलिस ने चार को पकड़ा
बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त जिम्मी चिरम ने बताया कि उनकी टीम को दो अप्रैल की शाम को सूचना मिली थी कि नवजात बच्चों की तस्करी में शामिल गैंग सोनिया अस्पताल नांगलोई के पास मौजूद है। थाना प्रभारी राजेश कुमार व अन्यों की टीम का गठन किया गया। पुलिस ने तुरंत एक्शन लेकर तीन महिलाओं समेत चार आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में महिला ने खोला मुंह
इनके पास 15 से 20 दिन की एक नवजात बच्ची मिली। शुरुआत में महिला बच्ची को अपना बताती रही। सख्ती से पूछताछ करने पर महिला टूट गई। उसने बताया कि बच्ची को गिरोह फाजिल्का, पंजाब से लेकर आया है। बच्ची को आगे यूपी में बेचा जाना था, लेकिन वहां सौदा न होने पर दिल्ली में एक पार्टी को ढूंढकर बच्ची उनको देनी थी।
गिरोह ने किया खुलासा
पूछताछ के दौरान गिरोह ने खुलासा किया है कि इन लोगों ने चंद ही दिनों पूर्व चंडीगढ़ के एक दंपती को ढाई लाख रुपये में तीन माह की बच्ची बेची है। आरोपियों से पूछताछ के बाद एक टीम को फौरन चंडीगढ़ भेजकर उनके पास से नवजात बच्ची को बरामद कर लिया गया। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।