पुलिस के मुताबिक पीड़ित बुजुर्ग परिवार समेत मायापुरी इलाके में रहते हैं। बीते वर्ष आठ सितंबर की शाम उनके पास अज्ञात नंबर से एक महिला की वीडियो कॉल आई। करीब पांच मिनट तक चली वीडियो कॉल के दौरान बुजुर्ग को महिला पर संदेह हुआ और कॉल काट दी। इसके करीब 10 मिनट बाद महिला ने उन्हें फिर से कॉल की। पीड़ित ने उसकी कॉल नहीं उठाई तो उसके फोन पर बुजुर्ग की रिकॉर्ड की गई अश्लील वीडियो भेज दी।
अगले दिन उनकी ऐसी तीन और वीडियो भेजी गईं। जिनमें उन्हें अश्लील हरकत करते दिखाया गया। इसके बाद उन्हें एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को एसएचओ क्राइम ब्रांच विक्रम गोस्वामी बताया। पीड़ित को बताया गया कि उनका अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है।
उन्हें बचाने की बात कहकर यूट्यूब इंडिया के अधिकारी का नंबर दिया और उससे बात करने को कहा। मगर फर्जी अधिकारी भवानी सिंह, नितिन, पंकज कुमार, कंवर लाल मेघवाल, सुभाष, राजू कुमार ने पीड़ित से रुपये वसूलने शुरू कर दिए। आरोपियों ने पहले वीडियो हटाने के नाम पर ठगा। इसके बाद महिला के नाबालिग होने और फिर महिला के खुदकुशी करने का डर दिखाकर ठगी की। पुलिस मामले की जांच कर रही है।