बाहरी उत्तरी जिला पुलिस ने नकली नोट छापकर सप्लाई करने वाले एक गैंग का खुलासा कर चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपी गाजियाबाद के खोड़ा काॅलोनी में नकली नोट छापकर उसे दिल्ली व एनसीआर सहित अन्य राज्यों में बेच रहे थे। इनके कब्जे से पुलिस ने 17 लाख रुपये मूल्य के नकली नोट के अलावा 12.42 लाख रुपये मूल्य के 2 बंडल ए फोर आकार के कागज व अन्य सामान बरामद किए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास भारद्वाज, सत्यम सिंह, सचिन और अनुराग शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि 13 नवंबर को स्पेशल स्टाफ को नकली नोट की छपाई करने और वितरित करने वाले गैंग के एक सदस्य के नया बांस गांव में आने की जानकारी मिली। पुलिस को पता चला कि सिंडिकेट का सदस्य एसडीएम कार्यालय के पास अस्थायी बस स्टैंड पर अपने साथी को नकली नोट का खेप देने आ रहा है।
पुलिस टीम ने वहां घेराबंदी कर दी। इसी बीच बैग लेकर वहां पहुंचे गांव खेड़ाखुर्द समयपुर बादली निवासी विकास भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया। बैग की तलाशी लेने पर उसमें पांच सौ मूल्य के कुल 399 नकली भारतीय नोट बरामद हुए। पुलिस ने नरेला औद्योगिक क्षेत्र थाने में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि विकास से पूछताछ में उसके साथियों के बारे में जानकारी मिली। पुलिस ने उसके दो साथी गांव चकरौत, गोंडा यूपी निवासी सत्यम सिंह और गांव कद्रहन पुरवा गोंडा यूपी निवासी सचिन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इनके निशानदेही पर बीस हजार मूल्य के नकली नोट बरामद कर लिए।
पूछताछ में पता चला कि उनका सहयोगी सिरौली रोड, सरकारी अस्पताल के पास, राजेंद्र नगर वार्ड नंबर 8, मीरगंज बरेली, यूपी निवासी अनुराग नकली नोट तैयार करता है। पुलिस ने आरोपियों के निशानदेही पर खोड़ा गाजियाबाद स्थित एक मकान पर छापा मारकर अनुराग को गिरफ्तार कर लिया। उसके कमरे से पुलिस ने 2.4 लाख रुपये मूल्य के जाली नोट, 500 रुपये मूल्य के जाली नोट (कुल 621 शीट) के साथ-साथ 12.42 लाख रुपये मूल्य के 2 बंडल ए4 आकार के कागज, लैपटॉप, रंगीन प्रिंटर, दो लेमिनेटर, एक पेपर कटिंग मशीन, नौ बंडल ए4 आकार के कागज, वॉटरमार्क बनाने के लिए एक गांधीजी की मोहर, एक पेपर प्रेशराइजिंग मशीन और जाली नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले अन्य सामान बरामद किए गए।
नकली नोट की तस्करी में शामिल रहा है मुख्य आरोपी
पुलिस अधिकारी ने बताया कि विकास भारद्वाज नकली नोट की तस्करी में पहले से शामिल है। वह लखनऊ उत्तर प्रदेश में जाली नोट मामले में शामिल रहा है। इसके अलावा उसपर हत्या का प्रयास का मामला है, जिसमें उसे दोषी करार दिया जा चुका है।
करोड़ों मूल्य के नकली नोट की सप्लाई कर चुके हैं आरोपी
आरोपियों ने बताया कि पिछले डेढ़ साल से इस धंधे से जुड़े हुए हैं। अब तक इन लोगों ने करोड़ों मूल्य के नकली नोट की सप्लाई कर चुके हैं। आरोपियों ने बताया कि वह दिल्ली एनसीआर के अलावा यूपी, राजस्थान, हरियाणा में भी नकली नोट का सप्लाई कर चुके हैं। जांच में पता चला कि अनुराग नकली नोट छापता था और फिर विकास अपने दो सहयोगी के साथ उसे वितरित करता था। जांच में पता चला है कि विकास पिछले छह माह में 80 लाख रुपये वितरित कर चुका है।