दक्षिण-पश्चिम जिले के स्पेशल स्टाफ ने कारों की 1000 बैटरी चुराने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर उसके सरगना समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी की 56 बैटरी, पिस्टल व कारतूस बरामद किए गए हैं। पिछले वर्ष गिरोह ने वसंत एंक्लेव से एक ही रात में करीब 100 बैटरी चुराई थीं। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से कई थानों के बैटरी चोरी के 29 मामलों का खुलासा करने का दावा किया है।
पुलिस उपायुक्त देवेन्द्र आर्या के अनुसार स्पेशल स्टाफ ने दो आरोपियों मंडावली निवासी आफताब मलिक (28) और गोकलपुरी निवासी शाने आलम (22) को गिरफ्तार किया है। मुजफ्फरनगर, यूपी का रहने वाले आफताब के खिलाफ पहले से मामले दर्ज हैं। शाने आलम के खिलाफ 29 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि बैटरी चोरी की वारदातों को सुलझाने के लिए एक विशेष टीम बनाई गई थी। इस टीम ने कई घटनास्थलों की सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला। इसमें एक सेंट्रो कार संदिग्ध घूमती दिखाई दी। टीम ने छानबीन के बाद ब्रह्मपुरी, सागरपुर में घेराबंदी कर आफताब व शाने आलम को दबोच लिया। यह उसी सेंट्रो कार में थे और चोरी की बैटरी शहजाद को बेचने नजफगढ़ जा रहे थे।
आफताब ने बताया कि वह पिछले तीन-चार वर्ष से बैटरी चोरी कर रहा है और दिल्ली, हरियाणा व यूपी से 1000 से ज्यादा बैटरी चुरा चुका है। वह कारों से पुर्जे भी चुराता था। अपराध शाखा ने इस गिरोह का पर्दाफाश किया था, मगर आफताब बच गया था।