जी-20 सम्मेलन में आने वाले विदेशी मेहमान दिल्ली, गुरुग्राम, सूरजकुंड, ग्रेटर नोएडा और नोएडा स्थित 32 होटलों में ठहरेंगे। इन मेहमानों को होटल से प्रगति मैदान लाने व वापस होटल ले जाने की जिम्मेदारी ट्रैफिक पुलिस की होगी। ऐसे में अभी से तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं।
गुरुग्राम, नोएडा, ग्रेनो, सूरजकुंड, पूर्वी व नई दिल्ली स्थित 31 होटलों से बुधवार सुबह एक साथ ट्रैफिक पुलिस ने काफिले (कारकेट) निकाले। इसे देखकर हर कोई चौंक गया। सभी एक साथ प्रगति मैदान पहुंचे। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने विदेशी मेहमानों के लिए लगने वाले रूट की जांच के लिए ये मॉकड्रिल की।
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ट्रैफिक पुलिस देखना चाहती थी कि विदेशी मेहमानों को प्रगति मैदान तक पहुंचाने में कितना समय लगेगा और क्या-क्या परेशानियां सामने आएंगी। ट्रैफिक पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त सुरेंद्र सिंह यादव के निर्देश पर तैयारियां परखी गईं।
ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जी-20 सम्मेलन में आने वाले विदेशी मेहमान दिल्ली, गुरुग्राम, सूरजकुंड, ग्रेटर नोएडा और नोएडा स्थित 32 होटलों में ठहरेंगे। इनसे सभी जी-20 सम्मेलन के आयोजन स्थल प्रगति मैदान व अन्य जगहों पर जाएंगे।
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इन मेहमानों को होटल से प्रगति मैदान लाने व वापस होटल ले जाने की जिम्मेदारी ट्रैफिक पुलिस की होगी। ऐसे में अभी से तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं। इस तैयारियों के बीच रूट का पता लगाने के लिए सुबह पहली मॉकड्रिल की गई थी। 32 में से 31 होटलों से डमी कारकेट एक साथ निकाले गए।
दक्षिण दिल्ली स्थित एक होटल में ट्रैफिक इंस्पेक्टर नहीं पहुंचा था। इस कारण इस होटल से काफिला नहीं निकाला गया। सभी काफिलों में पुलिस की एक जिप्सी व दो बाइक थीं। सभी सुबह सात बजे चले थे। सुबह पौने आठ बजे तक सभी प्रगति मैदान पहुंच गए थे।
व्यस्त समय में भी कारकेट निकाले जाएंगे
ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बुधवार को रूट का पता करने के लिए सुबह के समय कारकेट निकाले गए। कुल मिलाकर देखा जाए तो मॉकड्रिल सफल रही, क्योंकि सुबह के समय सड़कों पर ट्रैफिक नहीं होता है। अब व्यस्त समय में कारकेट निकालकर देखा जाएगा। उस समय सड़कों पर काफी ट्रैफिक होता है। इसके बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी। बुधवार को मॉकड्रिल ट्रैफिक पुलिस ने की थी। इसमें गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद व ग्रेटर नोएडा की पुलिस को शामिल नहीं किया गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगली मॉकड्रिल पड़ोसी शहरों की पुलिस के साथ होगी।
200 नई गाड़ियां ट्रैफिक पुलिस को मिलेंगी
दिल्ली पुलिस जो 850 नई गाड़ियां खरीद रही है, उनमें से करीब 200 दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को मिलेंगी। ट्रैफिक पुलिस इनका इस्तेमाल विदेशी मेहमानों के आवागमन व रूट पर तैनात करने के लिए करेगी।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रूट की मॉकड्रिल के दौरान जो कमियां देखी गई हैं उनका अध्ययन किया जा रहा है। इन कमियों को दूर करने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस संबंधित एजेंसियों को पत्र लिखेगी।