रोहिता वेमुला की पहली बरसी पर न्याय की मांग कर रहे छात्रों की पिटाई मामले को लेकर दिल्ली विधानसभा में एक संकल्प पारित किया गया।
इस मामले पर अल्पकालिक चर्चा भी की गई जहां आम आदमी पार्टी के विधायकों ने दिल्ली, हैदराबाद व देश के विभिन्न भागों में रोहित वेमुला के लिए न्याय की मांग कर रहे विद्यार्थियों व युवाओं पर प्रायोजित अत्याचार व उत्पन्न स्थितियों के लिए केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया। आप विधायकों ने केंद्र की मोदी सरकार को दलित विरोधी बताया।
दिल्ली विधानसभा में पारित संकल्प में केंद्रीय गृह मंत्रालय से वेमुला के लिए न्याय की मांग कर रहे छात्रों की बेरहमी से पिटाई करने वाले सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई।
सदन में कहा गया कि वेमुला की पहली बरसी पर जेएनयू व अन्य यूनिविर्सिटी के छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिस ने अमानवीय व्यवहार किया। दिल्ली पुलिस व पैरामिलिट्री फोर्स ने क्रूरतापूर्वक बर्ताव किया। जो काफी निंदनीय है। सदन ने पूर्ण समर्थन के साथ संकल्प को पारित किया। इस संकल्प को आप विधायक सोमनाथ भारती ने पेश किया।
इस मुद्दे को लेकर अल्पकालिक चर्चा में हिस्सा लेते हुए दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली देश की राजधानी है। यहां देश के कोने-कोने से लोग आते हैं। वे अपना हिस्सा समझते हैं।
राजधानी में देश के किसी भी हिस्से से आने वाले वाले छात्रों पर पुलिस की बर्बरता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिसके भी इशारे पर शांतिपूर्ण तरीके से न्याय की मांग करने वालों को हम छोड़ेंगे नहीं।
दिल्ली में दलित छात्रों पर अत्याचार होगा तो हम चुप नहीं रहेंगे। केंद्र सरकार से पूछा कि आपको छात्रों को मारने का किसने लाइसेंस दिया। ये नाथूराम गोडसे के चेले हैं इन्हें गांधी से नफरत है। दलितों के खिलाफ कुछ भी हुआ तो सबसे पहली चिंगारी इसी दिल्ली के विधानसभा से निकलेगी।
प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने वेमुला मामले में कुख्यात होने के बाद भी हैदराबाद के उपकुलपति को सम्मानित किया। शिक्षण संस्थाओं को भी दलित विरोधी गतिविधियों की तरफ ले जाया जा रहा है। कुछ खास जातियां यहां मालिक हैं और बाकी लोग किरायेदार की तरह हैं। ये इस देश में नहीं चलेगा। छात्रों की पिटाई का घोर निंदा करता हूं। भगवान उन्हें सद्बुद्धि दे।