आखिरकार जीडीए ने आसमान से अवैध निर्माणों पर निगहबानी शुरू कर दी। अनुबंधित संस्था से भेजी गई सेटेलाइट इमेज में जीडीए को शहर के दो जोन में करीब 2500 अवैध निर्माण की जानकारी मिली है।
इमेज को जीडीए के प्रवर्तन प्रभारियों को सौंप दी गई है। मौके से इनका मिलान किया जाएगा। इसके बाद अवैध निर्माणकर्ताओं पर कार्रवाई होगी।
सेटेलाइट इमेज के आधार पर जीडीए पहली बार कार्रवाई करेगा। ऐसा करने वाला जीडीए देश का पहला प्राधिकरण होगा।
शहर में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण किया गया है। जीडीए बाबुओं की मेहरबानी से आज भी ऐसे निर्माणों पर अंकुश नहीं लग सका है। जांच होने पर लोग निर्माण को वर्षों पुराना बताकर अधिकारियों को गुमराह करते हैं।
सेटेलाइट केजरिए अवैध निर्माणों पर अंकुश लगाने के लिए जीडीए ने सी-इंफो सिस्टम्स से अनुबंध किया है। इससे पूर्व जीडीए नेशनल रिमोट सेंसिंग एजेंसी (एनआरएसए), हैदराबाद से भी प्रत्येक माह निर्धारित डेट पर संबंधित जोन की सेटेलाइट इमेज लेता रहा है।
दो माह के चित्रों का मिलान करने पर नया निर्माण चित्र में दिख जाता है। सी इंफो से मिली वर्तमान रिपोर्ट मधुबन-बापूधाम से लेकर पटेल नगर और टीएचए क्षेत्र के निर्माणों की है, जिनमें हालिया नया निर्माण होने की जानकारी दी गई है।
जीडीए ओएसडी विद्याभूषण ने बताया कि बीते कई माह से रिपोर्ट मिल रहीं हैं, लेकिन अभी यह इतनी स्पष्ट नहीं हैं कि इनके आधार पर कार्रवाई की जा सके। हालिया मिली रिपोर्ट को प्रवर्तन विभाग को दिया जाएगा। मौके पर मिलान कर अवैध निर्माण मिलने पर कार्रवाई होगी।