महिलाओं के लिए 31 जुलाई तक चलेगा पेपर आधारित पिंक टिकट, इसके बाद भी बनवा सकेंगी कार्ड
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में महिलाओं के लिए चल रही पेपर आधारित पिंक टिकट व्यवस्था 31 जुलाई तक ही जारी रहेगी। परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बृहस्पतिवार को बताया कि एक अगस्त से डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा का लाभ केवल नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड यानी एनसीएमसी आधारित पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड के जरिए ही मिलेगा।
परिवहन मंत्री ने दावा किया कि अब तक दिल्ली में करीब 15 लाख पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड जारी किए जा चुके हैं। हजारों महिलाएं नियमित रूप से इसी कार्ड के जरिए मुफ्त बस यात्रा कर रहीं हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। स्मार्ट कार्ड रखने वाली महिलाएं पहले की तरह डीटीसी और क्लस्टर बसों में बिना किसी शुल्क के यात्रा कर सकेंगी। वहीं, पेपर आधारित पिंक टिकट को चरणबद्ध तरीके से बंद कर दिया जाएगा।
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31 जुलाई के बाद भी कार्ड बनवा सकेंगे
परिवहन मंत्री ने बताया कि 31 जुलाई के बाद भी कार्ड बनेंगे। चिह्नित डीटीसी बस डिपो और नोटिफाइड केंद्रों के साथ-साथ विशेष शिविरों में भी महिलाओं का रजिस्ट्रेशन लगातार किया जाएगा। कार्ड बनवाने की कोई अंतिम तिथि तय नहीं है। मंत्री ने कहा कि बदलाव के दौरान किसी भी महिला को दिक्कत न हो, इसके लिए बस डिपो और हेल्प डेस्क पर कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। 31 जुलाई तक पिंक टिकट पूरी तरह मान्य है। यह कार्ड केवल मुफ्त यात्रा ही नहीं, बल्कि भविष्य में अन्य सुविधाओं के लिए भी उपयोगी साबित होगा।