फ्रीडम 251 मोबाइल बनाने वाली कंपनी रिंगरिंग बेल ने प्राधिकरण से किराये की अनुमति नहीं ली है। प्राधिकरण की तीन सदस्यीय टीम सोमवार को सेक्टर-63 के बी-44 की जांच करने भी पहुंची।
नोएडा प्राधिकरण सूत्रों ने बताया कि इस प्लॉट का आवंटन करीब 15 साल पहले हुआ था। उसके बाद मूल आवंटी ने इसे रीसेल कर दिया।
रीसेल में खरीदार ने बेसमेंट के अलावा भूतल, प्रथम व द्वितीय तल तक बना रखा है, जिसमें से एक फ्लोर अपने लिए रखा है। इसका इस्तेमाल गारमेंट के गोदाम के लिए है।