सात दिन की ट्रेनिंग के साथ रोज 400 रुपये वजीफा और मुफ्त भोजन, मुद्रा लोन की भी मिलेगी जानकारी
आदित्य पाण्डेय
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड ने दिल्ली खादी कौशल विकास योजना शुरू की है। इसका उद्देश्य राजधानी के असंगठित क्षेत्र के कारीगरों और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के तहत 1,790 कारीगरों व युवाओं को बेकरी, हेयर स्टाइलिंग और मेकअप आर्टिस्ट्री में प्रशिक्षण मिलेगा।
यह सात दिवसीय प्रशिक्षण आधुनिक व्यावहारिक अभ्यास पर केंद्रित होगा। प्रत्येक प्रतिभागी को प्रतिदिन 400 रुपये का नकद वजीफा दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान रोजाना मुफ्त दोपहर का भोजन भी मिलेगा। सफलतापूर्वक कोर्स पूरा करने पर सीएम सर्टिफिकेट और आधिकारिक पहचान पत्र जारी होगा। योजना का लाभ उन आवेदकों को मिलेगा जो पिछले कम से कम पांच वर्षों से दिल्ली में रह रहे हैं।
इसमें सामान्य, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला, दिव्यांग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के आवेदकों के लिए अवसर हैं। उम्मीदवार ई-श्रम पोर्टल, सीएससी सेंटर या खादी बोर्ड की वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं। दिल्ली के उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद योजना के लिए लगभग 1.15 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए योग्य एजेंसियों के चयन हेतु निविदा जारी की गई है।
स्वरोजगार और वित्तीय सहायता
प्रशिक्षण के चौथे दिन बैंक अधिकारियों का विशेष सत्र होगा। इसमें प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और एमएसएमई योजनाओं से आसान लोन लेने की प्रक्रिया समझाई जाएगी। कारीगरों को डिजिटल साक्षरता, उत्पाद फोटोग्राफी और ई-विपणन भी सिखाई जाएगी। उन्हें मूल्य निर्धारण रणनीति और ब्रांड प्रचार की तकनीक भी सिखाई जाएगी।
प्रशिक्षण का कार्यान्वयन
राष्ट्रीय कौशल विकास निगम से संबद्ध योग्य एजेंसियों का चयन किया जाएगा। एजेंसी तय करने के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 10 नवंबर है। एजेंसियों के चयन के तुरंत बाद दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में ट्रेनिंग कैंप स्थापित किए जाएंगे। यह प्रशिक्षण कुल 56 घंटे का होगा, जिसमें अत्याधुनिक मशीनों का उपयोग सिखाया जाएगा।