फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

निकाय चुनाव : वोटर लिस्ट में सामने आई ये बड़ी गड़बड़ी

Wed, 29 Nov 2017 10:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
विज्ञापन
वोट डालने जातीं महिलाएं। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
निकाय चुनाव के लिए तैयार की गई वोटर लिस्ट में इस बार बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की शिकायत प्रशासन को मिली है। मतदान के दिन बड़ी संख्या में वोटर मतदान केंद्रों से बिना वोट डाले लौट गए।
विज्ञापन


कई केंद्रों पर तो जमकर हंगामा भी हुआ। हाथ में वोटर कार्ड होने के बावजूद वोटर लिस्ट से नाम गायब होने के कारण यह लोग मताधिकार का प्रयोग नहीं कर सके। इक्का-दुक्का नहीं बल्कि कई गली-मोहल्ले और सोसायटीज ऐसी थीं, जहां एक भी व्यक्ति का वोट नहीं था।

मतदान के बाद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है। मतगणना के बाद प्रशासन पूरे प्रकरण की समीक्षा करने जा रहा है। ऐसे में कई बीएलओ और संबंधित अफसरों पर कार्रवाई तय है।
विज्ञापन


निकाय चुनाव से पहले ही मतदाता सूची अपडेट किए जाने के साथ ही कई इलाकों से लोगों की शिकायतें आनी शुरू हो गईं थीं। लोगों का आरोप था कि बीएलओ चिह्नित स्थान से गायब रहते हैं।

वोटिंग के लिए लाइन में लगे मतदाता। - फोटो : amar ujala
कई ऐसे मामले भी प्रशासन तक पहुंचे जहां बीएलओ खुद नहीं पहुंचे बल्कि किसी स्थानीय दबंग व्यक्ति को ही वोट बनाने की जिम्मेदारी सौंप दी। बीएलओ की इस लापरवाही का नतीजा अब मतदान वाले दिन देखने को मिला।

ज्यादातर बूथ से बड़ी संख्या में ऐसे लोग वापस हुए, जिनका नाम वोटर लिस्ट से काटा जा चुका था। बीएलओ की लापरवाही भी ऐसी कि आम आदमी ही नहीं, बल्कि पूर्व चुनाव आयुक्त जीवीजी कृष्णमूर्ति, मोदीनगर विधायक मंजू सिवाच और उनके पति डा. देवेंद्र सिवाच, शहर के पूर्व विधायक सुरेश बंसल और उनकी पत्नी का नाम भी वोटर लिस्ट से इस बार गायब था।

ऐसे में यह सभी लोग निकाय चुनाव में अपने मताधिकार से वंचित रह गए। यह मामला लखनऊ तक भी पहुंच गया है। सत्ता के गलियारों में मामला पहुंचने के बाद स्थानीय प्रशासन भी हरकत में आ गया है।

अब जिला प्रशासन प्रत्येक बीएलओ द्वारा डोर टू डोर जाकर वोटर कार्ड बनाए जाने का सत्यापन कराएगा। लखनऊ से भी पूरे मामले पर जांच बैठाई गई है। यहां तक कि राज्य निर्वाचन आयोग ने भी लोगों से व्यक्तिगत तौर पर ऑनलाइन शिकायतें मांगी हैं।

दो बीएलओ हो चुके हैं निलंबित, एक की गिरफ्तारी

वोट डालने के लिए लाइन में लगीं महिलाएं। - फोटो : amar ujala

अपनी कारगुजारियों को लेकर तीन बीएलओ पर अब तक कार्रवाई भी हो चुकी है। इनमें मोदीनगर विधायक मंजू सिवाच और उनके पति डा. देवेंद्र सिवाच का नाम काटे जाने पर दो बीएलओ को जिला प्रशासन ने चुनाव से पहले ही निलंबित कर दिया था।

इसके अलावा विगत दिनों फर्जी वोटर आईकार्ड मिलने के मामले में ब्रज विहार से पुलिस ने जिन लोगों को गिरफ्तार किया था, उनमें एक महिला बीएलओ भी शामिल है।

अफसर बोले
मतगणना वाले दिन वोट काटे जाने की तमाम शिकायतें आईं हैं। बीएलओ इस बार डोर टू डोर गए भी हैं या नहीं, यह संदेह के घेरे में है। कई वीआईपी लोगों के साथ ही आम जनता के भी नाम कटे हैं। ऐसे में जिन जगहों से वोट काटे जाने की शिकायतें हैं, उन सभी कालोनियों में बीएलओ की उपस्थिति की क्रास चेकिंग की जाएगी। जहां भी बीएलओ की लापरवाही मिलती है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। - ज्ञानेंद्र सिंह, निकाय निर्वाचन प्रभारी व एडीएम प्रशासन

मतदाता सूची से नाम कटा हो तो करें शिकायत

वोट डालने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते लोग। - फोटो : amar ujala
वोट काटे जाने की शिकायत निर्वाचन आयोग तक पहुंच चुकी है, जिन लोगों के भी वोट कटे हैं वह लोग अपनी शिकायत  ह्यद्गष्.ह्वश्च.ठ्ठद्बष्.द्बठ्ठ पर ऑनलाइन कर सकते हैं।

इन कालोनियों से मिली हैं वोट काटने की शिकायतें
पंचशील प्राइमरोज सोसायटी - 1500 वोट कटे
जीवन विहार कालोनी - 300 वोट कटे
अवंतिका ई-ब्लॉक - 127 वोट कटे
शास्त्रीनगर बी-ब्लॉक- 100 वोट कटे
कैला भट्टा- 11 परिवार के करीब 80 से अधिक वोट कटे
दूधेश्वरनाथ मंदिर और आसपास- करीब 100 वोट कटे
संयुक्त जिला अस्पताल परिसर- 100 वोट कटे
रामनगर साहिबाबाद- 150 वोट कटे
विज्ञापन

एक रात में कम हो गए थे 70 हजार वोट 

वोट डालने के लिए लाइन में लगे लोग। - फोटो : amar ujala
जिला प्रशासन द्वारा जो अंतिम और फाइनल मतदाता सूची जारी की गई थी, उसके मुताबिक नगर निगम, नगर पंचायत और नगर पालिकाओं में कुल मिलाकर 22,32090 वोट थे। यह सूची प्रशासन द्वारा तब जारी की गई थी, जिसके बाद सूची में किसी भी तरह का फेरबदल नहीं होना था।

इसके बावजूद इसमें फेरबदल किया गया। मतदान वाले दिन जब प्रशासन ने मतदान प्रतिशत के आंकडे़ जारी किए तो उसमें कुल मतदाताओं की संख्या 21, 62088 दर्शाई गई। इस तरह प्रशासन ने अपनी ही मतदाता सूची में 70002 वोट कम कर दिए। जाहिर सी बात है, यह वोट पहले थे जो बाद में काट दिए गए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें