राजधानी में मेट्रो का किराया बढ़ाने के मुद्दे पर केंद्र व दिल्ली सरकार आम लोगों को गुमराह कर रही है। मेट्रो को किराया न बढ़ाने पर 3000 करोड़ नहीं बल्कि मात्र 750 करोड़ का अतिरिक्त भार पड़ना था और दिल्ली सरकार इतनी सब्सिडी देकर किराया बढ़ने से रोक सकती थी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने चौथी किराया निर्धारण कमेटी की रिपोर्ट में पेश आंकड़ों का हवाला देते हुए यह आरोप लगाया है। उन्होंने कहा वे जल्द ही हाईकोर्ट में जनहित याचिका के जरिये आम लोगों के हितों की लड़ाई लड़ेंगे।
मंगलवार को कांग्रेस नेता चतर सिंह के साथ संवाददाता सम्मेलन में माकन ने कहा न तो केंद्र सरकार न ही दिल्ली सरकार आम लोगों के समक्ष सही तथ्य रख रही है। दोनों ने चौथी किराया निर्धारण कमेटी की रिपोर्ट को भी एक वर्ष से ज्यादा अवधि तक दबाए रखा ताकि लोगों के सामने सही तस्वीर न आ जाए।