पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नरेला निवासी एक युवक ने साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर ठगी की शिकायत दर्ज की। उसने बताया वह गूगल पर ऑनलाइन नौकरी की तलाश कर रहा था। इसी दौरान वह एक वेबसाइट पर गया। वेबसाइट पर दिए मोबाइल नंबर पर उसने संपर्क किया। आरोपियों ने नौकरी देने की बात कहकर उससे रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर 2,499 रुपए मांगे। रुपए देने पर उसे एक पहचान पत्र वाट्सएप पर भेजा। इसके बाद उससे अग्रिम कमीशन 40 फीसदी मसाज कीट, पासकोड चार्ज और होटल बुकिंग चार्ज के नाम पर रुपये की मांग की। इन मदो में उससे 39,190 रुपए ले लिए। लेकिन उसे कोई काम नहीं मिला।
पीड़ित युवक ने मामले की शिकायत साइबर सेल में की। निरीक्षक रमन कुमार सिंह की टीम ने जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के नंबर की कॉल डिटेल निकाली। साथ ही जिस बैंक खाते में पैसे भेजे गए थे, उस खाते की जानकारी जुटायी। तकनीकी जांच के बाद पुलिस कुलदीप सिंह चरण की पहचान की। पुलिस ने उसे जांच में जुड़ने के लिए नोटिस दिया लेकिन वह सहयोग नहीं कर रहा था। उसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के आधार पर पुलिस ने उसके दूसरे सहयोगी को भी पकड़ लिया।
जांच में पता चला कि वेबसाइट पर दिए गए फोन नंबर के जरिए कुलदीप शिकायतकर्ता से संपर्क करता था। फिर उसके फोन पे पर भुगतान किया जाता था। धोखाधड़ी की राशि श्याम लाल योगी बैंक खाते (यूको बैंक) में जमा होती थी। श्याम लाल योगी के पास एनआरआई ग्राहक का नंबर था जिससे वह महिला की आवाज मे बात करता था। दोनों आरोपी एक ही गांव के रहने वाले हैं और वर्तमान में जयपुर राजस्थान में एक साथ रह रहे थे।
पहले करते थे होटल में काम, बाद में वेबसाइट बनाकर करने लगे ठगी
आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि दोनों पहले मैन हैरिटेज, टिपटॉप प्लॉजा एंड विला में काम करते थे। कुलदीप यहां बतौर रूम ब्वॉय जबकि श्याम स्वागत अधिकारी के तौर पर काम करता था। साल 2017 में इन लोगों ने एक वेबसाइट बनवाकर उसके जरिए प्ले ब्वॉय सर्विस, जिगोलो सर्विस और एक्सकॉर्ट सर्विस देने के झांसा देकर ठगी करने लगे। जांच में पता चला कि आरोपी अब तक चार हजार से ज्यादा लोगों के साथ लाखों रुपये की ठगी कर चुके हैं। ठगी की रकम मंगवाने के लिए वह दर्जनभर से ज्यादा बैंक अकाउंट का इस्तेमाल करते थे। पुलिस वेब डवलपर को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किया है।