ठगे जाने की आशंका होते ही राकेश ने फोन काट दिया। फोन में आए मैसेज देखे तो एक के बाद एक कई बार रुपये निकलने के मैसेज आ रहे थे। उन्होंने सिटी बैंक को फोन करके क्रेडिट कार्ड ब्लाक कराया। मगर जब तक उससे 2.40 लाख रुपये निकाले जा चुके थे। पीड़ित ने बैंक में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करा दी है। शनिवार को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पीड़ित राम राकेश की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज करके धोखाधड़ी के प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।
आजकल कई बैंकों की ओर से रिलेशनशिप बैंक मैनेजर के नाम पर लोगों को फोन आ रहे हैं। जबकि बैंक की ओर से इस तरह से कोई कॉल नहीं किया जाता है। इस तरह के ठग अपने निजी नंबर को नोट कराकर दावा करते हैं कि वह बैंक से संबंधित किसी भी तरह की समस्या के लिए उनको फोन या मैसेज करके सूचना दे सकते हैं। यह लोगों से बैंक संबंधित कोई जानकारी नहीं मांगते हैं लेकिन अपने नंबर पर कॉल कराना चाहते हैं। एक बार कोई व्यक्ति अपने मोबाइल से ऐसे लोगों के निजी नंबर पर कॉल कर दें तो फिर वह उनको फंसाकर रुपये निकाल ही लेते हैं।
सावधानी बरतने से बचाई जा सकती है मेहनत की कमाई
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक बैंक प्रतिनिधि कभी फोन कर किसी तरह की निजी जानकारी नहीं मांगते। साथ ही फोन पर केवाईसी वेरिफिकेशन नहीं किया जाता। कुछ साइबर अपराधी लिंक भेजकर या ऐप लोड कराकर आदि विभिन्न तरीकों से खातों में सेंध लगा रहे हैं। सतर्क रहकर ही ऐसे मामलों से बचा जा सकता है।
अगर कोई व्यक्ति फोन कर आपके खाते, क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड की जानकारी मांगता है तो किसी भी सूरत में उसे जानकारी नहीं दें। खाते या कार्ड संबंधित कोई कार्य हो तो उसे बैंक जाकर कराएं। हमेशा सतर्क रहें। लापरवाही बरतने से आपके खाते से पैसे निकल सकते हैं। - अशोक कुमार एसपी, प्रभारी साइबर सेल