अपराध शाखा ने भगोड़े जालसाज को गिरफ्तार किया है। आरोपी सुभाष नागर ने साथियों के साथ 2017 से मार्च, 18 तक 600 से ज्यादा लोगों से 35 करोड़ रुपये से ज्यादा ठग लिए थे। आरोपी ने लोगों को फिल्मों में पैसा निवेश करने का झांसा देकर एक वर्ष में ढाई गुना मुनाफा देने की बात कही थी। आरोपी कंपनी में निदेशक था। दिल्ली पुलिस ने सुभाष की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा हुआ था।
अपराध शाखा के पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एनआर-दो में तैनात इंस्पेक्टर संदीप तुषीर को सूचना मिली थी कि जालसाजी के मामले में वांछित सुभाष सेक्टर-8, नोएडा में आएगा। इंस्पेक्टर की देखरेख में एसआई संजीव गुप्ता, एसआई सतेंद्र दहिया व हवलदार देवेंद्र की टीम ने घेराबंदी कर पुतीन ग्रीन, ओमेक्स, ग्रेनो निवासी सुभाष को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मूलरूप से दादू गांव, गौतमबुद्धनगर का रहने वाला है। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में आरोपी व उसके साथियों के खिलाफ वर्ष 2020 में एफआईआर दर्ज की थी। इस मामले में एक आरोपी उदित ओबराय पहले ही गिरफ्तार हो चुका है।
रिटायर विंग कमांडर से ठगे 1.78 करोड़, दिए 36 लाख
आरोपियों ने वर्ष 2019 में रिटायर विंग कमांडर राकेंद्र सिंह से 1.78 करोड़ रुपये फिल्मों में निवेश कराने के नाम पर ठग लिए थे। इन लोगों ने किस्तों के नाम पर 36 लाख रुपये ही लौटाए थे। बाद में आरोपियों ने पीड़ित को 1275 वर्गमीटर का प्लाॅट देकर समझौता कर लिया था।
ठगने के लिए डीडीए की फर्जी वेबसाइट बनाई
डीडीए के फ्लैट खरीदने वाले जरा सावधान हो जाएं। कुछ जालसाज डीडीए की हाउसिंग स्कीम के नाम पर फर्जी यूआरएल का इस्तेमाल कर लोगों को फ्लैटों की बुकिंग के लिए लुभा रहे हैं। डीडीए ने इस मामले की दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा और साइबर क्राइम सेल में शिकायत की है। डीडीए ने इस फर्जीवाड़े का स्वयं खुलासा किया है और लोगों को जालसाजों से सावधान रहने के लिए आगाह किया है। ब्यूरो
इंस्टाग्राम पर आईफोन बेचने का झांसा देकर 28.69 लाख ठगे
इंस्टाग्राम पर ग्रुप बनाकर सस्ते दामों पर मोबाइल फोन बेचने का झांसा देकर लाखों की ठगी करने वाले छह जालसाजों को गिरफ्तार किया है। सरगना ऑनलाइन सट्टा भी लगाता था। उसने यू-ट्यूब से ठगी का गुर सीखा था। इनके कब्जे से 14 मोबाइल, 1 लैपटॉप, 2 राउटर और 1 डोंगल बरामद किया गया है। इनकी पहचान यमुनानगर निवासी रमन प्रीत, जगादारी निवासी विजय, हरिद्वार निवासी अमन चौहान, सहारनपुर निवासी नीतीश सिंह, यमुनानगर निवासी अवि तनेजा और सूरज रावत के रूप में हुई है।