मध्य दिल्ली के आईपी एस्टेट इलाके में एमबीबीएस में दाखिला करवाने का झांसा देकर कारोबारी से 30 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर दो आरोपी मनोज तोमर और विक्रांत को गिरफ्तार भी कर लिया है। दोनों को रिमांड पर लेकर मामले की छानबीन की जा रही है। शुरुआती जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि आरोपियों ने एमबीबीएस में दाखिला करवाने के नाम पर और भी लोगों के साथ इसी तरह ठगी की है।
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित विरेंद्र ढाका परिवार के साथ रानी बाग इलाके में रहते हैं। इनका अपना कारोबार है। विरेंद्र को अपनी बेटी को दिल्ली के कॉलेज में एमबीबीएस में दाखिला करवाना था। वर्ष 2021 और 2022 में इनकी बेटी नीट की परीक्षा पास नहीं कर पाई। अक्तूबर-नवंबर 2021 में विरेंद्र की मुलाकाल मनोज तोमर नामक व्यक्ति से हुई थी। मनोज ने विरेंद्र को बेटी का दाखिला मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में मैनेजमेंट कोटे से करवाने का झांसा दिया। उसके बदले आरोपी ने 30 लाख रुपये की डिमांड की। विरेंद्र इसके लिए तैयार हो गए। कई मीटिंग के बाद आरोपी ने विरेंद्र को बेटी के एडमिशन का फर्जी लेटर लाकर उनको दे दिया। उस पर बकायदा बारकोड भी मौजूद था।
बारकोड की जांच करने के बाद विरेंद्र ने आरोपी मनोज और इसके साथ विक्रांत को 26 लाख एडमिशन और चार लाख रुपये हॉस्टल फीस के रूप में दे दिया। लेकिन उनको पता चला कि बेटी का दाखिला नहीं हुआ। मामले की शिकायत 13 मार्च को पुलिस से की गई। छानबीन के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रुपये बरामद करने का प्रयास कर रही है।