गाजियाबाद में एक शादी के पहले पीसीएस अधिकारी बताने वाला दूल्हा शादी के बाद बेरोजगार निकला। धोखाधड़ी का पता चलने पर जब पत्नी ने नाराजगी जताई तो पति और ससुरालियों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। पति ने मायके वालों से मिलने पर भी रोक लगा दी।
मायके वालों की मदद से आजाद हुई पत्नी ने आरोपी दूल्हे और उसके परिजनों के खिलाफ कविनगर थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। हालांकि पहले पुलिस ने मामले को संदिग्ध बताते हुए रिपोर्ट दर्ज करने से इंकार कर दिया था। एसपी सिटी के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज हुई। कविनगर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
रईसपुर निवासी सीमा रानी ने बताया कि वर्ष 2009 में नजीमपुर, भूड़ (बुलंदशहर) निवासी देवेंद्र प्रताप से उनकी साथी हुई थी। शादी के समय देवेंद्र को पीसीएस अधिकारी बताया गया था। शादी के बाद वह लगातार छुट्टी पर रहने की बात कहता था। एक -दो साल बाद उन्हें पति की असलियत का पता चला।
हकीकत का पता चलने पर आरोपी पति और उसके परिजन भी उसके साथ मारपीट करते थे। मारपीट के दौरान एक बार उनका गर्भपात भी हो चुका है। मायके वालों की मदद से वह सात अगस्त को ससुराल से आजाद हुई।
एसओ उम्मेद यादव ने बताया कि सीमा ने पति देवेंद्र प्रताप, ससुर प्रेम सिंह सहित पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।