डीसी को एक खुला पत्र सौंपकर ग्राम पंचायत जाटका सिसवाना के दर्जनों लोगों ने सरपंच द्वारा गांव में हुए विकास कार्यां की जांच कराने की अपील की है।
गांव के पंचायत मेंबर सरदार खां, नसरी पंच, रामधन, रशीद अहमद, इरसाद, तेजपाल, प्रताप सिंह, दीनू, फजरू ने शिकायत में सरपंच पर सरकारी फंड का दुरुपयोग कर लाखों का गबन करने के आरोप लगाए हैं।
उन्होंने कहा कि जो कार्य नहीं हुए हैं, उन्हें भी पंचायती कार्यवाही में फर्जी बिल लगाकर किया हुआ है। कुछ लोगों के अंगूठे व साइन भी उनके असली नमूनों से मेल नहीं खाते।
जाटका गांव में 20 ठेली मिट्टी डाली गई जबकि बिल 25290 रुपये का लगा है। साफ सफाई पर 31624 व 11050 और 7080 रुपये का खर्च दिखाया गया है, लेकिन गांव में सफाई के नाम पर कुछ नहीं हुआ है।
लाल मुरम 9520, 1950, 9725, 30000 रुपये की डलवाई गई असल में ये काम हुए ही नहीं। वहीं वाटर सप्लाई के पाईपों को 25635 एवं 11275 रुपये में खरीदा गया जबकि पाइप कम खरीदी गई थी।
मिट्टी भरत करवाने के लिए 76522, 107579, 146822 तथा 165569, 55199, 23100, 8360 के बिल लगे हुए हैं। मिट्टी केवल 200 ट्राली ही डाली गई है।
गांव जाटका के कार्यकर्ता रामधन ने आरटीआई से जानकारी लेकर आरोप लगाया है कि कार्यों में भारी धांधली है। जाटका के सरपंच चरण सिंह ने सभी आरोपों को नकारते हुए बदले की भावना वाली कार्यवाही बताया है।
वे बताते हैं कोई भी एजेंसी मेरे कामों की पड़ताल कर सकती है। बीडीपीओ रतन सिंह ने बताया कि शिकायत मिलने पर जांच होगी।