सैनी गांव के चार लोग पिछले 15 वर्षों से लंदन में रहते हैं, लेकिन गांव में उनके नाम के राशन कार्ड बने हुए हैं। सरकार से सस्ती दरों पर उनके नाम का राशन भी आता है, लेकिन डीलर इसकी कालाबाजारी कर देता है।
मंगलवार को दादरी में तहसील दिवस के दौरान सैनी गांव से यह शिकायत मिली। तहसील की तरफ से मामले की जांच शुरू कर दी गई है। सैनी के पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य अकबर खाने ने आरोप लगाया है कि उसने 23 सितंबर को जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी से राशन डीलर की शिकायत की थी, लेकिन अभी तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
आरोप है कि जो लोग करीब 15 साल पहले गांव छोड़कर लंदन चले गए हैं, राशन डीलर ने उनके भी राशन कार्ड बनवा रखे हैं। इनमें इमरान, आस मोहम्मद, फखरुद्दीन, नसरुद्दीन शामिल हैं। इनमें से कोई भी अब गांव में नहीं रहता।
डीलर ने अपनी पत्नी, माता और अपने छोटे भाई की पत्नी के नाम से अन्त्योदय कार्ड बनवाए हैं, जबकि उसका छोटा भाई ट्रांसपोर्टर है। राशनकार्ड धारकों को राशन नहीं दिया जाता, लेकिन ऐसे लोगों को राशन दिया जाता है, जो अपात्र हैं।
शिकायतकर्ता ने मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस बारे में एसडीएम दादरी अमित कुमार का कहना है कि मामले की जांच बीडीओ बिसरख और आपूर्ति अधिकारी कर रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।