दिल्ली मेडिकल काउंसिल (डीएमसी) ने पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह के कार्डियोलॉजिस्ट होने का दावा करने वाले चिकित्सक का पंजीकरण तीन माह के लिए निलंबित कर दिया है। दावा करने वाले डॉक्टर के पास कार्डियोलाजी में एमडी और डीएम करने का प्रमाण पत्र व पंजीकरण नहीं था।
उसके पास राष्ट्रपति के डॉक्टर होने से जुड़ा कोई प्रमाण पत्र भी नहीं पाया गया। जानकारी के मुताबिक डॉक्टर जॉली बंसल, भारत सरकार के लोगो का इस्तेमाल कर रहा था और अपने आप को पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह का चिकित्सक होने का दावा कर रहा था।
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संदेह होने पर किसी ने इसकी शिकायत दक्षिण पूर्वी जिले के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त से की। वहां से इस शिकायत को दिल्ली मेडिकल काउंसिल में भेजा गया। काउंसिल ने डॉक्टर को नोटिस देकर डीएमसी के सामने पेश होने को कहा था।
दिल्ली मेडिकल काउंसिल में डॉ. बंसल ने कहा कि उसने मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई की है और कार्डियोलॉजी में एमडी और डीएम भी किया है। हालांकि दस्तावेजों की जांच में पाया गया कि उक्त डॉक्टर ने एमबीबीएस की पढ़ाई तो की है लेकिन एमडी और डीएम का कोई पंजीकरण नहीं था।
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जांच के दौरान वह राष्ट्रपति के चिकित्सक होने का भी कोई प्रमाण भी पत्र नहीं दिखा सका। इसके बाद डीएमसी ने आरोपी डॉक्टर के दिल्ली में प्रैक्टिस करने पर तीन माह की रोक लगा दी है।