फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लोगों के लिए मिनी बैंक था यह बाबा, खुला राज

विज्ञापन
विज्ञापन
रुपये निवेश कर हर माह मोटा ब्याज देने के नाम पर ठगी करने वाले ढोंगी बाबा व उसके सहयोगी को दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस ने दबोचा है। आरोपी रिवाड़ी हरियाणा के भोले-भाले लोगों से करोड़ों रुपये ठग कर फरार हो गया था।
विज्ञापन


अब आरोपी ने दिल्ली के समालखा में बाबागिरी कर अपनी पहचान छुपाकर रह रहा था। आरोपी की पहचान जयदेव कोहली उर्फ कमल नयन वशिष्ठ (41) व इसके सहयोगी मृदुल चौहान (42) के रूप में हुई है।

कालकाजी थाना पुलिस दोनों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त मंदीप सिंह रणधावा ने बताया कि अगस्त 2014 में गांव सुंदरोज, रिवाड़ी, हरियाणा निवासी नहार सिंह व गांव के 18 अन्य लोगों ने कालकाजी थाने में ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी।
विज्ञापन

Trending Videos

भोले-भाले लोगों को बनाया शिकार

नहार के मुताबिक 2012 में उनके जानकार दशरथ चौहान व उसके बेटे मृदुल चौहान ने लोगों को कालकाजी स्थित बुल्लिश औरा फाइनेंशल सिर्विसेस कंपनी में रुपये निवेश करने के लिए कहा था।

कंपनी के डायरेक्टर जयदेव कोहली, अंजली कोहली और फूल कुमार कादयान का कहना था कि रुपये निवेश करने पर हर माह चार से छह फीसदी ब्याज दिया जाएगा।

शुरूआत में लोगों ने कम रुपये निवेश किए। कंपनी ने विश्वास जीतने के लिए हर माह निवेश किए गए रुपयों पर ब्याज दिया। गांव के भोले-भाले लोगों ने अपनी-अपनी जमीन बेचकर मोटी रकम निवेश कर दी।

फेसबुक पर भी जारी था धंधा

करोड़ों रुपये समेटकर कंपनी फरार हो गई। शिकायत मिलने के बाद एसीपी जसबीर सिंह, एसएचओ अमित इस्सर की टीम ने मामले की छानबीन शुरू की। इस बीच कोर्ट ने सभी आरोपियों के गैर जमानती वारंट भी जारी कर दिए।

पुलिस ने एक सूचना के बाद पहले मृदुल चौहान को सेक्टर-3 रिवाड़ी को दबोच लिया। मृदुल ने बताया कि मुख्य आरोपी जयदेव दिल्ली के समालखा में अपनी असली पहचान छुपाकर बाबागिरी कर रहा है।

जांच के दौरान पुलिस ने कमल नयन फाउंडेशन को सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर चेक किया तो पता चला कि इसे फेसबुक पर काफी लाइक मिले थे। फाउंडेशन समालखा में दो घंटे का ध्यान साधना भी कराती है।
विज्ञापन

कौन है आरोपी जयदेव कोहरी उर्फ बाबा...

सूचना के बाद पुलिस ने बाबा पर नजर रखना शुरू किया। शुक्रवार को बाबा को समालखा से दबोच लिया गया। पूछताछ में उसने पुलिस को गुमराह कर अपना नाम कमल नयन वशिष्ठ बताया।

लेकिन पुलिस ने जब उसका ड्राइविंग लाइसेंस चेक किया तो उसकी असलियत सामने आ गई। आरोपी ने बताया कि ठगे गए रुपये उसने शेयर मार्केट में लगा दिए थे। लेकिन इसमें उसे नुकसान हुआ और वह फरार हो गए। बाद में वह बाबागिरी करने लगा।

जयदेव ने दिल्ली से ग्रजुएशन करने के बाद इग्नू से 2007 में एमबीए किया था। उसने कई निजी कंपनियों में काम करने के बाद खुद की बुल्लिश औरा फाइनेंशल सर्विसेस नाम से कंपनी खोली।

कंपनी ने मोटा ब्याज देने का झांसा देकर सैंकड़ो लोगों से करोड़ो रुपये ठगे। दशरथ चौहान व उसका बेटा मृदुल गांव के लोगों को लाकर उनका रुपया निवेश करवाते थे। बदले में जयदेव बाप-बेटे को मोटा कमीशन देते थे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें