नए कृषि कानूनों को रद्द कराने समेत अन्य मांगों को लेकर किसान 17वें दिन भी अडिग रहे। हालांकि, दिल्ली-जयपुर हाइवे को जाम करने की पूर्व घोषित योजना में बदलाव करते हुए इसे रविवार तक के लिए स्थगित कर दिया है। किसान नेताओं ने इस फैसले को रणनीतिक बताते हुए कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले अब चौथा मोर्चा भी खोला जाएगा।
उत्तर, पश्चिम और पूर्व में पहले ही किसान राजधानी की सीमाओं पर डटे हैं, अब दक्षिण सीमा पर भी कब्जा किया जाएगा। रविवार को किसान जयपुर-दिल्ली हाईवे से दिल्ली के लिए कूच करेंगे। इससे
पहले शनिवार को कई हाइवे पर टोल नाके फ्री किए गए। दूसरी ओर दिल्ली की सीमाओं पर लगातार पंजाब, हरियाणा समेत देश के दूसरे राज्यों से किसानों के पहुंचने का सिलसिला जारी है।
योजना में बदलाव की जानकारी देते हुए योगेंद्र यादव ने कहा कि किसानों के ऐतिहासिक संघर्ष में अब चौथा मोर्चा भी खुल जाएगा। 13 दिसंबर यानी आज सुबह 11 बजे राजस्थान-हरियाणा बॉर्डर के शाहजहांपुर (बहरोड़ और कोटपुतली) से सैकड़ों वाहनों के साथ हजारों किसान दिल्ली कूच करेंगे। किसान संगठनों और केंद्र के बीच वार्ता में गतिरोध आने के बाद आंदोलन को और मजबूत
करने की दिशा में यह कदम उठाया गया है।
राष्ट्रीय स्तर के नेता होंगे शामिल
इस कार्यक्रम में राजस्थान और हरियाणा के किसानों के साथ राष्ट्रीय स्तर के किसान नेता भी शामिल रहेंगे। इसमें समाजसेवी मेधा पाटकर, महाराष्ट्र के पूर्व सांसद राजू शेट्टी, प्रतिभा शिंदे, अशोक
धावले, तेलंगाना से वी वेंकटरमैया, केरल से कृष्ण प्रसाद, कर्नाटक से कविता कुरुगंती रहेंगीं। हरियाणा से सत्यवान, प्रेम सिंह गहलावत, रमजान चौधरी और राजस्थान से पूर्व विधायक अमरा
राम, तारा सिंह सिद्धू , रंजीत राजू, कैलाश यादव, रामचंद्र और अन्य किसान नेता शामिल होंगे। मोर्चे का संयोजन जय किसान आंदोलन (स्वराज अभियान) के नेता और संयुक्त किसान मोर्चा की
राष्ट्रीय समिति के सदस्य योगेंद्र यादव करेंगे।
पंजाब-हरियाणा से पहुंच रहे किसान
भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) के महासचिव ओंकार सिंह ने कहा कि टीकरी, सिंघु बॉर्डर सहित सीमाओं पर अभी भी ट्रैक्टरों में किसानों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। शनिवार के विरोध
प्रदर्शन को सफल बताते हुए कहा कि टोल प्लाजा फ्री करने सहित कॉरपोरेट्स के खिलाफ भी किसानों का विरोध तेज होने लगा है। टीकरी बॉर्डर पर किसान नेता परगट सिंह और लखविंदर सिंह
ने किसानों को संबोधित किया। आंदोलन को मजबूत करने के लिए पंजाब के अलग-अलग किसान संगठनों के बैनर तले किसानों के जत्थे लगातार पहुंच रहे हैं। आंदोलनकारी किसान 14 दिसंबर
को देश के सभी जिलों में विरोध प्रदर्शन करेंगे।
मौसम चाहे कितना भी सर्द हो, पीछे नहीं हटेंगे : चढूनी
भारतीय किसान यूनियन, हरियाणा के गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि आंदोलनकारी अपनी मांग पर डटे हुए हैं। किसी भी सूरत में वे पीछे नहीं हटेंगे। मौसम चाहे कितना भी सर्द क्यों न हो, सरकार जब तक किसानों की मांगे नहीं मानती है आंदोलन खत्म नहीं होगा।
बादली टोल पांच बजे तक फ्री
ढांसा बॉर्डर पर भारतीय किसान यूनियन, दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र डागर ने बताया कि बादली टोल को शाम पांच बजे तक फ्री कराया गया, जबकि हरियाणा से गुलिया खाप, अहलावत, सहरावत सहित अन्य खापों का भी समर्थन लगातार मिल रहा है। किसान अब आगे की रणनीति बना रहे हैं, ताकि किसानों का आंदोलन कमजोर न पड़े।
आंदोलन को बदनाम करने की साजिश, पंजाब में दर्ज होंगे केस
भाकियू पंजाब के नेता ओंकार सिंह ने कहा कि किसान आंदोलन को कमजोर करने की साजिश की जा रही है। पोस्टर प्रदर्शित करने वाले किसान नहीं हो सकते हैं। इसके जरिये आंदोलन को बदनाम और कमजोर करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ किसान संगठनों की तरफ से पंजाब के अलग-अलग जिले और तहसीलों में मामले दर्ज कराए जाएंगे।