दिल्ली ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन की बसों में दो नहीं, बल्कि चार हजार मार्शल सुरक्षा के लिए कार्य करेंगे। मार्शल की डे और नाइट ड्यूटी में बदलाव कर दिया गया है। अब वे बैठकर नहीं, बल्कि पीसीआर की तर्ज पर घूम-घूमकर बसों का निरीक्षण करेंगे। महिला सुरक्षा के मामले पर दिल्ली पुलिस विशेष ट्रेनिंग देगी। साथ ही बसों में मार्शल तैनात करने के लिए भर्ती भी करेगी।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की प्रमुख योजनाओं में से एक महिलाओं समेत यात्रियों की सुरक्षा के लिए मार्शल तैनात करने की योजना का खाका तैयार हो गया है। उपराज्यपाल नजीब जंग, आप की सरकार समेत दिल्ली पुलिस अधिकारियों की बैठक में मार्शल तैनाती पर गाइड लाइंस बन गई है। वहीं, मार्शल के डे और नाइट बस सेवा के लिए ड्यूटी में बदलाव कर दिया गया है।
पहले ढाई हजार मार्शल बसों में तैनात करने की योजना थी, जिसमें 1500 को ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है। अब यह आंकड़ा ढाई हजार से होते हुए चार हजार पहुंच गया है। शुरुआती फेज में दो हजार मार्शल को बसों में तैनात किया जाएगा। इसके बाद दो हजार अतिरिक्त मार्शल के लिए पुलिस भर्ती करेगी। इन दो हजार अतिरिक्त मार्शल को डीटीसी को दो हफ्तों के अंतराल पर पांच सौ-पांच सौ के आधार पर तैनात किया जाएगा।
मार्शल आर्ट की मिलेगी ट्रेनिंग
सूत्रों के मुताबिक, अभी तक नाइट बसों में मार्शल पिछली सीट पर बैठे रहते हैं। हालांकि, दिन की बसों में अब मार्शल बैठे नहीं रहेंगे। उन्हें बस रूट के आधार पर एरिया बांट दिए जाएंगे। वे अपने निर्धारित बस रूट के इलाके में घूम-घूमकर बसों के अंदर निरीक्षण करते रहेेंगे। हालांकि, नाइट बस सर्विस में सेवाएं पहले की तरह चलती रहेंगी।
सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस बसों में तैनात होने वालों को विशेष ट्रेनिंग देगी, जिसमें मार्शल आर्ट भी शामिल होगा। नाइट ड्यूटी में तैनात होने वाले मार्शल को पुलिस या सरकार की ओर से सुरक्षा के उपकरण भी मुहैया करवाने पर विचार चल रहा है। इसमें पेपर स्प्रे व अलार्म समेत करंट स्टिक आदि शामिल है।
इसके अलावा जिन मार्शल के पास हाइटेक मोबाइल होंगे, उन्हें हिम्मत ऐप से जोड़ा जाएगा। ताकि, कोई दिक्कत आती है तो पुलिस को पहुंचना आसान होगा।