पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर जी ब्लॉक में शनिवार देर रात डेढ़ बजे एक चार मंजिला मकान भरभराकर गिर गया। बिल्डिंग का कुछ मलबा पड़ोस के मकान की छत पर जा गिरा।
इस वजह से छत टूट गई और वहां सो रहा एक व्यक्ति गंभीर रूप से जख्मी हो गया। जबकि मलबे में तब्दील हुए मकान से परिवार के चार सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घायलों को वालिया नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद सभी को छुट्टी दे दी गई।
मौके पर पहुंची पुलिस, दमकल विभाग और आपदा प्रबंधन की टीम ने राहत कार्य शुरू किया। शनिवार रात से चला बचाव अभियान रविवार शाम तक जारी है। हालांकि पुलिस ने मलबे में किसी के दबे होने की आशंका से इनकार किया है।
पुलिस के अनुसार, मकान मोहन शर्मा का है। मकान के भूतल पर दुकान है, जबकि ऊपरी मंजिल पर परिवार रहता है। घटना के समय मोहन घर पर नहीं था। शनिवार रात करीब डेढ़ बजे अचानक इमारत की तीनों मंजिलेेें भरभराकर गिर गईं।
चौथी मंजिल का मलबा पड़ोस के मकान की छत पर गिरा, जिससे पड़ोस के मकान की छत टूट कर कमरे में गिर गई। कमरे में सो रहे बलकार सिंह (57) के सिर और हाथ में गंभीर चोट लगी। परिवार के लोगों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया, उनके सिर और हाथ में चार टांके लगे हैं।
जोरदार धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौकेे पर पहुंचे और मलबे में फंसे बलदेव शर्मा, कल्पना शर्मा, ऋतिक शर्मा, तनुज को बाहर निकालकर वालिया नर्सिंग होम में भर्ती कराया, जहां से प्राथमिक इलाज के बाद सभी को छुट्टी दे दी गई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हादसे में कुल पांच लोग मामूली रूप से जख्मी हुए हैं। पुलिस ने मकान मालिक के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मकान में आ गई थी दरार
पड़ोस में रहने वाले बलकार सिंह के बेटे हरप्रीत सिंह ने बताया कि गिरने वाली इमारत पुरानी और खस्ताहाल थी। ऊपरी मंजिल आगे की तरफ झुक गई थी। छह साल पहले नगर निगम में इसकी शिकायत की गई थी। अधिकारियों ने इमारत की जांच की और तीन माह बाद उसे रहने लायक बता दिया था।
हरप्रीत का कहना है कि उसके बाद से लगातार इमारत में दरार आने लगी। इस वजह से बलकार सिंह के मकान में भी दरार आने लगी। कुछ माह पहले भी निगम में इसकी शिकायत की थी। बावजूद अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
बीट कांस्टेबल और नर्सिंग होम के कर्मचारी ने बचाई लोगों की जान
शकरपुर थाने में तैनात सिपाही राजकुमार और वालिया नर्सिंग होम के कर्मचारी संजय ने मलबे में फंसे लोगों की जान बचाई। घटना के समय बीट कांस्टेबल राजकुमार इलाके में गश्त कर रहा था। वहीं संजय नर्सिंग होम में मौजूद था।
इमारत के गिरते ही दोनों भागकर वहां पहुंचे और मलबे में फंसे चार लोगों को बाहर निकालने में जुट गए। सूचना मिलने के बाद पांच दमकल की गाड़ी, 8 पीसीआर वैन, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की टीम, दो कैट्स एंबुलेंस, एक जेसीबी और एक डंपर मौके पर पहुंच गई। लेकिन इनके आने से पहले ही सिपाही राजकुमार और संजय ने चारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।