घटना के तुरंत बाद दुकान मालिक को सुरक्षा राशि के लिए एक धमकी भरा फोन भी आया। स्पेशल सेल/उत्तरी रेंज के एसीपी राहुल कुमार सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर अनुज नौटियाल, देवेंद्र दहिया और चंदन कुमार की टीम ने जांच शुरू की। इस टीम ने एक आरोपी बुलंदशहर, यूपी निवासी निक्की बिधूड़ी को 28 अगस्त को गिरफ्तार किया। ये शूटर के साथ सफेद अपाचे बाइक पर घटनास्थल पर गया था। रंगदारी के लिए मथुरा, यूपी निवासी हेमंत ने फर्जी आईडी के तहत सिम कार्ड की व्यवस्था की थी। इसको भी गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ पर, दोनों ने खुलासा किया कि उन्होंने अपने गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर प्रोटेक्शन मनी की मांग के लिए एक आभूषण की दुकान के सामने बंदूक की गोली चलाने की साजिश रची थी।
मुख्य शूटर गिरफ्तार
इसके बाद पुलिस टीम ने मुख्य शूटर हापुड़, यूपी निवासी आकाश उर्फ कातिल और साजिशकर्ता ग्रेटर नोएडा निवासी हरेंद्र उर्फ केडी निवासी को गिरफ्तार कर लिया। ये निक्की बिधूड़ी और हेमंत की गिरफ्तारी के बाद अपने मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट निष्क्रिय करके भूमिगत हो गए थे। आरोपियों ने पहले दिल्ली/एनसीआर में प्रमुख आभूषण शोरूम की टोह लेकर जबरन वसूली की साजिश रची थी। आरोपियों ने वारदात के लिए मोटरसाइकिल चोरी की और नकली आईडी पर सिम कार्ड हासिल कर लिया।
ऐसे वारदात को अंजाम दिया
घटना के दिन, आकाश उर्फ कातिल और निक्की बिधूड़ी अपनी योजना को अंजाम देने के लिए चोरी की अपाचे मोटरसाइकिल पर दिल्ली के मुखर्जी नगर पहुंचे। निक्की ने खुद को आभूषण शोरूम के सामने मोटरसाइकिल के साथ खड़ा किया, जबकि आकाश उर्फ कातिल ने गोलीबारी की। गोलीबारी के बाद, आकाश उर्फ कातिल ने सुरक्षा राशि की मांग करते हुए एक कागज़ की पर्ची छोड़ दी।
साजिशकर्ता एमए किया हुआ है
ग्रेटर नोएडा निवासी हरेंद्र नागर उर्फ केडी राजनीति विज्ञान में एमए हैं और पेशे से शिक्षक हैं। स्थिर और सम्मानजनक नौकरी होने के बावजूद, वह आपराधिक दुनिया के प्रति गहरा आकर्षण रखता है। इस आकर्षण के कारण उसे दो आपराधिक मामलों में गिरफ्तार किया गया। मौजूदा मामले में, उसने जबरन वसूली के लिए लक्षित आभूषण की दुकान को चुना। मथुरा निवासी हेमंत बीएससी तृतीय वर्ष का ड्रॉपआउट है और पूर्व राष्ट्रीय स्तर का साइकिल चालक है। पढ़ाई छोड़ने के बाद, वह आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो गया और ज्वेलर्स को जबरन वसूली के लिए कॉल करने के दो आपराधिक मामलों में उसकी गिरफ्तारी हुई। मंडोली जेल में कैद रहने के दौरान हेमंत की मुलाकात कई कुख्यात बदमाशों से हुई, जिनमें जग्गू भगवानपुरिया, संपत नेहरा, विजय मान आदि शामिल थे। जमानत पर रिहा होने के बाद, उसने अपने जेल साथी प्रीत उर्फ ?बाबा गुज्जर के साथ अपना मेलजोल जारी रखा, जिसने उसे जबरन वसूली की योजना में शामिल किया।