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4- आश्रम में संचालित प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूल और एक कॉलेज में छात्राओं की संख्या 153 बताई गई। लेकिन जब गिनती की गई तो असल में 253 छात्राएं निकलीं। इनके नाम और पते अधूरे मिले। आयोग की टीम की रिपोर्ट के मुताबिक आश्रम के स्कूल और कॉलेज में शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग की ओर से तय मानदंडों का कोई पालन होता नहीं मिला। इससे भी बड़ी हैरानी की बात तो ये थी कि आश्रम के स्कूल-कॉलेज में एनरोलमेंट के रिकॉर्ड का भी रख-रखाव नहीं मिला। सरकार की ओर से स्कूल और कॉलेजों के लिए जो रजिस्टर तय किए गए हैं, वो भी आयोग की टीम ने मांगे तो आश्रम के पास नहीं थे।