जानकारी के अनुसार पीड़ित छात्र परिवार के साथ सीलमपुर इलाके में रहता है। इसके परिवार में माता-पिता व अन्य सदस्य हैं। छात्र सरकारी स्कूल में पांचवीं कक्षा का छात्र है। आरोप है कि 18 सितंबर को सूनसान जगह पर ले जाकर उसके तीन लड़कों ने छात्र के साथ जबरन कुकर्म किया। विरोध करने पर आरोपियों ने रॉड और ईंट पर उस पर हमला किया। इसके बाद भी आरोपियों का दिल नहीं भरा तो उन्होंने उसके निजी अंग में रॉड डाल दी। छात्र किसी तरह घर पहुंचा, लेकिन किसी को कुछ नहीं बताया। परिजनों ने पूछा तो उसने झगड़े की बात की। अचानक 22 को उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिवार उसे अस्पताल ले गया तो वारदात का पता चला। वहीं से पुलिस को खबर मिली।
पुलिस उपायुक्त संजय कुमार सैन ने बताया कि खबर मिलने के बाद पुलिस अस्पताल पहुंची तो परिवार ने बयान देने से मना कर दिया। इसके बाद टीम ने 24 सितंबर एक एनजीओ की मदद से मासूम की मां की काउंसलिंग करवाई। जिसके बाद परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने छानबीन के बाद दो नाबालिग लड़कों को पकड़ लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पकड़े लड़के मासूम के दोस्त हैं। इनकी उम्र 11-12 साल के बीच है। एक लड़का तो मासूम का रिश्ते का भाई भी लड़का है। तीसरे लड़के की तलाश की जा रही है। मासूम के निजी अंग में रॉड डाली गई है या नहीं इसका अभी पता नहीं चल पाया है। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद इसका पता चलेगा।
दिल्ली महिला आयोग ने बच्चे के साथ अप्राकृतिक कृत्य के मामले में दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। आयोग ने यह कदम बच्चे की मां की ओर से उसके पास शिकायत दर्ज कराने के बाद उठाया। महिला ने शिकायत में बताया कि उसके बच्चे के साथ 18 सितंबर को चार लोगों ने अप्राकृतिक कृत्य करने के बाद उसके निजी अंग में रॉड भी डाली। इसके अलावा इन लोगों ने उसे ईंटों और रॉड से बेरहमी से पीटकर घायल कर दिया।
आयोग को महिला ने बताया कि उसके बच्चे ने 22 सितंबर को इस घटना के बारे में बताया। इसके बाद उन्होंने घटना की जानकारी दिल्ली पुलिस को दी, बच्चे को फिलहाल बेहद गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आयोग के हस्तक्षेप करके इस घटना के संबंध में एफआईआर भी दर्ज करवाई है, वहीं आयोग ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर इस मामले में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने दिल्ली पुलिस से 28 सितंबर तक रिपोर्ट देने के निर्देश दिए है।
आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि यह बहुत ही भयावह घटना है। उनकी टीम लगातार परिवार के साथ मौजूद है और उनकी मदद कर रही है। आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।