लॉकडाउन में नौकरी जाने के बाद चार युवाओं ने अपराध का रास्ता चुनकर लूट की घटनाओं को अंजाम देना शुरू कर दिया। गिरोह के सदस्य दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में मजदूरों को अपना निशाना बनाते थे। यह लोग पहले मजदूरों से झगड़ा करते, जिसके बाद चाकू की नोंक पर उनकी साइकिल लूटकर फरार हो जाते।
गोविंदपुरी पुलिस ने रविवार को इस गिरोह का खुलासा कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से घटना में इस्तेमाल चाकू और एक टूटा हुआ मोबाइल मिला है। टूटे मोबाइल के जरिए यह लोग रास्ते से जा रहे मजदूरों से झगड़ते और उन्हें अपना निशाना बनाते थे। आरोपियों की पहचान सचिन, राजेश, कृष्णा और रोहित के तौर पर हुई है।
दक्षिण पूर्वी दिल्ली के एडिशनल पुलिस उपायुक्त कुमार ज्ञानेश ने बताया कि, 17 अक्तूबर को फयाज नाम के युवक ने साइकिल लूट की शिकायत दर्ज कराई थी। युवक ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि ओखला औद्योगिक क्षेत्र में दो युवक उसकी साइकिल से आकर टकरा गए और एक टूटे हुए फोन को सड़क पर फेंक कर उस पर फोन तोड़ने का आरोप लगाकर हर्जाना मांगने लगे।
इसके बाद आरोपियों ने उसकी तलाशी ली, लेकिन कोई मंहगा सामान ना मिलने पर उन्होंने उसकी साइकिल लूट ली और फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरु की और ओखला क्षेत्र से चारों आरोपियों को दबोच लिया। आरोपियों ने बताया कि लूटी हुई साइकिल बदरपुर में किसी शख्स को बेची है। सभी आरोपी गोविंदपुरी इलाके में एक किराए के मकान में रहते हैं।