कुंडली-गाजियाबाद-पलवल (केजीपी) एक्सप्रेसवे पर सोमवार देर रात एक तेज रफ्तार ट्राले ने सड़क किनारे कैंटर का पंचर टायर बदल रहे चार युवकों को कुचल दिया। चारों की मौके पर ही मौत हो गई। चारों पशु व्यापारी थे। वे राजस्थान से भेड़-बकरियां लेकर दिल्ली बेचने जा रहे थे। थाना छायंसा पुलिस ने चारों शवों को बीके सिविल अस्पताल पहुंचाया। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। दुर्घटना में कैंटर में मौजूद सात-आठ बकरियों की भी मौत हो गई।
गांव भाकडौजी जोधड़ियानवास, नूंह निवासी मौसिम (30), तालिम (21), पूरन (32) और एटा, उत्तर प्रदेश निवासी नईम (30) पशुओं की खरीद-फरोख्त का व्यापार करते थे। मौसिम के चाचा रफीक ने बताया कि सोमवार को चारों अपने अन्य साथियों मुबीन, नफीस और आसू आदि के साथ महुआ, राजस्थान से पशु खरीदने गए थे। इन्होंने वहां से भेड़-बकरियां खरीदी थीं। वे इन्हें कैंटर में लेकर बेचने के लिए गाजीपुर मंडी, दिल्ली जा रहे थे।
केजीपी पर गांव फज्जूपुर खादर के बाद उनके कैंटर का टायर पंचर हो गया। इस पर मौसिम, तालिम, पूरन और नईम टायर बदलने लगे। रात करीब 11.30 बजे पलवल की तरफ से आ रहा एक तेज रफ्तार ट्राला टायर बदल रहे चारों युवकों को कुचलता हुआ निकल गया। कुछ कदम की दूरी पर घटना के बाद ट्राला चालक गाड़ी को मौके पर ही छोड़ कर फरार हो गया। अपने चार साथियों की मौत पर सभी बदहवास से हो गए।
जैसे-तैसे घटना की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलने पर थाना छायंसा पुलिस मौके पर पहुंची और चारों के शवों को लेकर बीके सिविल अस्पताल पहुंचाया। जांच अधिकारी एएसआई केसराम ने बताया कि मामला दर्ज कर ट्राले को कब्जे में ले लिया है। आरोपी चालक की तलाश की जा रही है।